ITC Limited ने अपने प्रमुख ब्रांड Aashirvaad के लिए अगले **5 साल** में कंज्यूमर स्पेंडिंग को **₹20,000 करोड़** तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी अब सिर्फ आटे तक सीमित न रहकर फ्रोजन फूड्स, रेडी-टू-कुक मील और प्रोटीन-युक्त उत्पादों के जरिए बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी कर रही है।
स्ट्रैटेजिक बदलाव की तैयारी
ITC अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए एक बड़े फूड प्लेयर के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहती है। अब तक मुख्य रूप से आटे (Wheat Flour) के लिए मशहूर 'Aashirvaad' ब्रांड अब फ्रोजन स्नैक्स, रेडी-टू-कुक मील्स और सत्तू जैसे प्रोटीन-रिच प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रहा है। कंपनी का मानना है कि शहरी परिवारों की बदलती जीवनशैली और प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग ही इस ग्रोथ का इंजन बनेगी।
कैसे पूरा होगा यह लक्ष्य?
इस विस्तार के लिए कंपनी अपने 66 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का इस्तेमाल करेगी। इसके अलावा, ITC का 'e-Choupal' नेटवर्क किसानों से सीधे गेहूं खरीदने में मदद करता है, जिससे क्वालिटी और लागत दोनों पर कंट्रोल बना रहता है। कंपनी ने अपने 'Sunrise' मसालों के नेटवर्क का भी उपयोग करने की रणनीति बनाई है ताकि डिस्ट्रीब्यूशन को और प्रभावी बनाया जा सके।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks for Investors)
FMCG सेक्टर में मुकाबला काफी कड़ा है। नए डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स और पुराने प्रतिस्पर्धियों के बीच मार्जिन बनाए रखना एक चुनौती है। इसके अलावा, गेहूं और एडिबल ऑयल जैसी कमोडिटीज की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मुनाफे पर सीधा असर डाल सकते हैं। कंपनी के सिगरेट बिजनेस के मुकाबले फूड बिजनेस का मार्जिन पतला होता है, इसलिए यहां वॉल्यूम ग्रोथ और एफिशिएंट सप्लाई चेन ही सफलता की असली चाबी होगी।
