डिविडेंड की घोषणा: बाजार की उम्मीदों पर खरा उतरा ITC
ITC लिमिटेड ने अपने चौथी तिमाही के नतीजों के साथ ही फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹8 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की घोषणा कर दी है। यह ऐलान शेयरधारकों के लिए एक अच्छी खबर है, क्योंकि यह बाजार की उम्मीदों के अनुरूप है। योग्य शेयरधारकों को यह भुगतान 24 जुलाई से 29 जुलाई के बीच किया जाएगा, जिसके लिए 27 मई को रिकॉर्ड डेट तय की गई है।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर एक नज़र
फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में, ITC का नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के ₹4,875 करोड़ की तुलना में 4.9% बढ़कर ₹5,113 करोड़ हो गया। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 7% बढ़कर ₹16,050 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल यह ₹17,249 करोड़ था। इसके अलावा, अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्सेस, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन (EBITDA) में भी 7.3% का इजाफा हुआ और यह ₹6,425 करोड़ तक पहुंच गया। सबसे खास बात यह है कि कंपनी का EBITDA मार्जिन भी काफी सुधरा है, जो पिछले साल की तिमाही के 34.7% से बढ़कर 40.03% हो गया है।
एक अलग रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल होटल बिजनेस के डी-मर्जर से हुए एकमुश्त लाभ के कारण नेट प्रॉफिट में 72% की गिरावट देखी गई थी, हालांकि, ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 17% बढ़कर ₹23,821.48 करोड़ हो गया था।
प्रतिस्पर्धी माहौल
ITC एक बेहद प्रतिस्पर्धी बाजार में कई अलग-अलग सेक्टर्स में काम करती है। फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेगमेंट में, कंपनी का मुकाबला Hindustan Unilever Limited (HUL), Nestle और Britannia Industries जैसी बड़ी कंपनियों से है। सिगरेट सेगमेंट में ITC की बाजार में 75% की मजबूत हिस्सेदारी है, जबकि Godfrey Phillips India और VST Industries इसके छोटे प्रतिद्वंद्वी हैं। ITC Hotels की बात करें तो, यह Taj Group, Oberoi Group, Marriott और Hyatt जैसे बड़े हॉस्पिटैलिटी चेन के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
विश्लेषकों का मानना है कि FMCG सेक्टर में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन सिगरेट बिजनेस को हालिया टैक्स बढ़ोतरी से चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
भविष्य की राह और विश्लेषकों की राय
इस प्रतिस्पर्धी माहौल और टैक्स समायोजन के कारण सिगरेट की बिक्री और मार्जिन पर पड़ने वाले संभावित दबाव के बावजूद, ITC के विभिन्न रेवेन्यू स्रोत, जिनमें 65% अब नॉन-सिगरेट बिजनेस से आता है, कंपनी को मजबूती देते हैं। ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है कि ITC टैक्स के बोझ को संभालने और अपनी बाजार हिस्सेदारी बचाने के लिए कीमतों में सोच-समझकर बढ़ोतरी करेगी। नॉन-सिगरेट FMCG बिजनेस से अच्छी ग्रोथ और मार्जिन में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, एग्रीबिजनेस सेगमेंट में रेवेन्यू कम रह सकता है, लेकिन मार्जिन रिकवरी के कारण लाभ में सुधार संभव है। यह दर्शाता है कि कंपनी विभिन्न सेक्टर-विशिष्ट चुनौतियों के बीच सावधानी से आगे बढ़ रही है।
