स्वीडिश दिग्गज IKEA बेंगलुरु में **80,000 स्क्वायर फीट** का नया अर्बन स्टोर लॉन्च करने जा रही है। यह कदम कंपनी की नई रणनीति का हिस्सा है, जिसमें अब बड़े वेयरहाउस के बजाय शहर के बीचों-बीच छोटे और सुलभ स्टोर्स पर फोकस किया जा रहा है।
IKEA ने बेंगलुरु में अपनी पकड़ और मजबूत करने की तैयारी कर ली है। अगले महीने खुलने वाला यह 80,000 स्क्वायर फीट का सिटी-सेंटर स्टोर कंपनी के उस बदलाव को दर्शाता है, जिसमें वह ग्राहकों की सुविधा को प्राथमिकता दे रही है। कंपनी का यह नया स्टोर 5,200 से ज्यादा चुनिंदा प्रोडक्ट्स के साथ आएगा, जो शहरी ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
नई रणनीति का मतलब
कंपनी अब सिर्फ बड़े वेयरहाउस-स्टाइल आउटलेट्स पर निर्भर नहीं रहना चाहती। इसी के तहत, मुंबई, नई दिल्ली और पुणे जैसे बड़े शहरों के बाद अब बेंगलुरु में भी इस कॉम्पैक्ट मॉडल को अपनाया जा रहा है। यह तरीका न केवल कम जगह घेरता है, बल्कि शहर के अंदर ग्राहकों तक पहुंच बनाना भी आसान बनाता है।
घरेलू कंपनियों पर दबाव
हालांकि IKEA भारत में एक प्राइवेट कंपनी है, लेकिन इसकी यह आक्रामक विस्तार नीति भारतीय रिटेल सेक्टर, खासकर Nilkamal जैसी लिस्टेड कंपनियों के लिए चुनौती बन सकती है। संगठित फर्नीचर बाजार में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा के कारण अब भारतीय रिटेलर्स को अपने सप्लाई चेन और स्टोर फुटप्रिंट को और बेहतर बनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती
कंपनी अपने पुणे और गुड़गांव के डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स के जरिए अपनी बैकएंड ऑपरेशंस को भी लगातार मजबूत कर रही है, जिससे ई-कॉमर्स और ऑफलाइन स्टोर दोनों को सपोर्ट मिल सके। आने वाले समय में, यह देखना दिलचस्प होगा कि ये छोटे फॉर्मेट्स कितनी जल्दी प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करते हैं और घरेलू ब्रांड्स इस बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना कैसे करते हैं।
