IKEA ने भारत में अपनी विस्तार योजनाओं का ऐलान किया है। कंपनी 2030 तक अपने कर्मचारियों की संख्या और भारत से होने वाली सोर्सिंग (खरीद) को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
भारत में IKEA का मेगा प्लान
IKEA, जो 2018 में भारतीय रिटेल बाज़ार में उतरी थी, अब अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने की तैयारी में है। कंपनी ने भारत में अपने परिचालन को बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पेश की है। इसके तहत, 2030 तक वर्तमान में 2,500 कर्मचारियों की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य है। यह विस्तार कंपनी के लिए भारत को एक महत्वपूर्ण उपभोक्ता बाज़ार और वैश्विक सप्लाई चेन का हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन को मिलेगी मजबूती
कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ, IKEA भारतीय निर्माताओं से खरीदे जाने वाले उत्पादों के मूल्य को भी दोगुना करना चाहती है। वर्तमान में, कंपनी अपने 45 से ज़्यादा पार्टनर्स के ज़रिए भारत से सालाना लगभग €400 मिलियन (लगभग ₹3,500 करोड़) के सामान की खरीद करती है। इस सोर्सिंग को दोगुना करने से भारत IKEA की ग्लोबल सप्लाई चेन में और गहराई से जुड़ जाएगा। यह रणनीति इसलिए भी अहम है क्योंकि IKEA के भारतीय स्टोरों में बिकने वाले लगभग 30% उत्पाद स्थानीय रूप से ही बनाए जाते हैं, जिससे कंपनी को लागत प्रबंधन और उपलब्धता में मदद मिलती है।
नए स्टोर्स और डिज़ाइन सेंटर
इस विस्तार को समर्थन देने के लिए, IKEA दिल्ली-NCR, बेंगलुरु, मुंबई, पुणे और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में लगभग 25 नए स्टोर खोलने की योजना बना रही है। कंपनी छोटे अर्बन-फॉर्मेट स्टोर्स के साथ-साथ ई-कॉमर्स पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके अलावा, बेंगलुरु में एक नया प्रोडक्ट डेवलपमेंट सेंटर भी स्थापित किया गया है। यह सेंटर खास तौर पर भारतीय ग्राहकों की पसंद के अनुसार उत्पाद डिजाइन करेगा, और भविष्य में इन डिज़ाइनों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भी निर्यात करने की क्षमता रखता है।
निवेशकों के लिए संकेत
IKEA का यह कदम बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए भारत को सिर्फ एक रिटेल बाज़ार के बजाय एक महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग बेस के रूप में उभरते हुए दिखाता है। स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूत करके, IKEA लॉजिस्टिक्स लागत को कम कर सकती है और उत्पादों को बाज़ार तक पहुंचाने में लगने वाले समय को घटा सकती है।
हालांकि IKEA भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध (listed) नहीं है, लेकिन इसके विस्तार का असर कई सूचीबद्ध सेक्टर्स पर पड़ेगा। भारत से बढ़ती सोर्सिंग स्थानीय टेक्सटाइल, फर्नीचर और मेटल कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों के लिए एक स्थिर आय का स्रोत बनेगी। साथ ही, 25 नए स्टोर और बेहतर लॉजिस्टिक्स के विकास से स्थानीय रियल एस्टेट और थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स सर्विस प्रोवाइडर्स को भी फायदा होगा। निवेशक इन सेक्टर्स में IKEA के स्टोर खोलने की गति और भारतीय सप्लायर्स से ऑर्डर की मात्रा पर नज़र रख सकते हैं।
