स्वीडिश दिग्गज कंपनी IKEA ने भारत में अपने विस्तार के लिए **₹21,000 करोड़** का बड़ा निवेश प्लान तैयार किया है। कंपनी **2030** तक **30** स्टोर्स के साथ अपनी पहुंच को बढ़ाने की तैयारी में है।
हाइब्रिड मॉडल से बदलेगी रणनीति
IKEA अब केवल बड़े फ्लैगशिप स्टोर्स पर निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि कंपनी ने 'हाइब्रिड मॉडल' को अपनाया है। इसके तहत अब शहर के बीचों-बीच छोटे स्टोर्स खोले जाएंगे ताकि ग्राहकों की पहुंच आसान हो सके। कंपनी का लक्ष्य अपने सालाना रेवेन्यू को मौजूदा ₹1,750 करोड़ से बढ़ाकर ₹8,000 करोड़ तक पहुंचाना है। कर्नाटक के बेंगलुरु में कोननाकंटे क्रॉस पर कंपनी का नया आउटलेट इसका एक बड़ा उदाहरण है।
घाटे में कंपनी, फिर भी आक्रामक विस्तार
यह समझना जरूरी है कि IKEA एक अनलिस्टेड कंपनी है, इसलिए इसके नतीजों का शेयर बाजार पर असर नहीं पड़ता। फिलहाल कंपनी भारी इन्फ्रास्ट्रक्चर खर्च के दौर में है। फाइनेंशियल ईयर 2025 के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी ने ₹1,749.5 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, लेकिन साथ ही ₹1,325.2 करोड़ का बड़ा नुकसान भी उठाया है। यह नुकसान बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने की शुरुआती लागत के कारण है।
लोकल सप्लाई चेन पर जोर
IKEA भारत में अपना सप्लाई चेन भी मजबूत कर रही है। वर्तमान में कंपनी 65 से अधिक स्थानीय वेंडर्स के साथ काम कर रही है। इसके अलावा, कंपनी ऑनलाइन डिलीवरी को लखनऊ, चंडीगढ़ और जयपुर जैसे शहरों में विस्तार देकर अपनी मौजूदगी को और गहरा कर रही है। आने वाले समय में कंपनी के लिए असली चुनौती भारतीय बाजार की कड़ी प्रतिस्पर्धा और कीमत के प्रति संवेदनशील ग्राहकों के बीच मुनाफा कमाना होगा।
