Indian Hotels Company Limited (IHCL) में शादियों की बुकिंग का जबरदस्त क्रेज है। कंपनी की बुकिंग्स अब 2027 तक फुल हो चुकी हैं, जो इसके शानदार फाइनेंशियल प्रदर्शन को और मजबूती दे रही है।
भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां शादियों का सीजन अब केवल कुछ महीनों तक सीमित नहीं रहा। Indian Hotels Company Limited (IHCL) के पास अब 2027 तक की प्राइम डेट्स के लिए बुकिंग्स मिल रही हैं। यह ट्रेंड 'डेस्टिनेशन वेडिंग्स' के बढ़ते क्रेज को दर्शाता है, जिससे कंपनी के रूम ऑक्यूपेंसी और फूड एंड बेवरेज रेवेन्यू में बड़ी उछाल आई है।
शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
इस डिमांड का सीधा असर कंपनी की कमाई पर दिख रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में IHCL का रेवेन्यू ₹2,419 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 15% अधिक है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट 21% बढ़कर ₹358 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। वेडिंग सेगमेंट हाई-मार्जिन बिजनेस होने के कारण कंपनी के मुनाफे में बड़ी भूमिका निभा रहा है।
'Accelerate 2030' का दम
कंपनी अपनी 'Accelerate 2030' स्ट्रैटेजी के तहत तेजी से विस्तार कर रही है, जिसका लक्ष्य पोर्टफोलियो को 700 होटल्स तक ले जाना है। फिलहाल कंपनी 645 प्रॉपर्टीज चला रही है और 263 नए प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि कंपनी लगभग कर्ज-मुक्त (Debt-free) है और उसके पास ₹4,300 करोड़ से ज्यादा का कैश और लिक्विड इन्वेस्टमेंट मौजूद है, जो बिना बाहरी कर्ज के विस्तार के लिए काफी है।
इन्वेस्टर्स के लिए क्या हैं रिस्क?
इन्वेस्टर्स को यह ध्यान रखना होगा कि कंपनी के शेयर अक्सर प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड करते हैं, इसलिए किसी भी कंजम्पशन स्लोडाउन का असर शेयर की कीमतों पर पड़ सकता है। इसके अलावा, नई प्रॉपर्टीज शुरू होने पर शुरुआती खर्च (Pre-opening costs) मुनाफे पर अस्थायी दबाव डाल सकते हैं। आने वाले समय में बाजार की नजर इस बात पर होगी कि क्या कंपनी अपनी इस ग्रोथ रफ्तार को नई प्रॉपर्टीज को जोड़ते हुए बरकरार रख पाती है या नहीं।
