हैदराबाद के हस्तिनापुरम इलाके में एक ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर के खिलाफ डिलीवरी पार्टनर्स ने मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि कंपनी उनसे एक्सपायर्ड सामान डिलीवर करवा रही थी। फूड सेफ्टी अधिकारियों ने जांच में **14** एक्सपायर्ड प्रोडक्ट बरामद किए हैं।
हंगामे की असली वजह
डिलीवरी पार्टनर्स ने स्टोर के बाहर भारी विरोध प्रदर्शन किया। उनका दावा है कि मैनेजमेंट उन्हें एक्सपायर्ड फूड प्रोडक्ट्स डिलीवर करने के लिए मजबूर कर रहा था। डिलीवरी करने वाले पार्टनर्स का कहना है कि जब ग्राहकों ने खराब सामान मिलने की शिकायत की, तो मैनेजमेंट ने उल्टा उनके ही डिलीवरी अकाउंट्स ब्लॉक कर दिए।
छापेमारी में क्या मिला?
विरोध के बाद फूड सेफ्टी अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर 'डार्क स्टोर' की जांच की। जांच में 14 तरह के एक्सपायर्ड आइटम्स मिले, जिनमें दूध के पैकेट, पनीर, स्ट्रॉबेरी जूस और जिंजर-गार्लिक पेस्ट जैसी जरूरी चीजें शामिल थीं। अधिकारियों ने मामले को दर्ज कर लिया है और अब इस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।
क्विक-कॉमर्स पर बढ़ता दबाव
हैदराबाद में क्विक-कॉमर्स कंपनियों के डार्क स्टोर्स पर प्रशासन की नजरें टेढ़ी हो गई हैं। हाल के दिनों में कई ऐसी जगहों पर छापेमारी हुई है, जिसके चलते कई कंपनियों के लाइसेंस तक सस्पेंड कर दिए गए हैं।
निवेशकों के लिए सबक
इस तरह की घटनाएं क्विक-कॉमर्स सेक्टर के लिए बड़ा ऑपरेशन्ल और रिप्यूटेशनल रिस्क खड़ा करती हैं। कंपनियों के लिए चुनौती सिर्फ तेज डिलीवरी नहीं, बल्कि अपने विशाल नेटवर्क में क्वालिटी मेंटेन करना भी है। लेबर विवाद और रेगुलेटरी सख्ती के चलते आने वाले समय में कंपनियों के मार्जिन और ब्रांड वैल्यू पर असर पड़ सकता है।
