क्षमता दोगुनी करने का मेगा प्लान
HyFun Foods नॉर्थ गुजरात में एक बड़ी फैक्ट्री लगा रही है, जिसमें ₹900 करोड़ का निवेश किया जाएगा। यह नया प्लांट 2026 के आखिर तक चालू होने की उम्मीद है। इसके बाद, कंपनी की फ्रेंच फ्राइज़ बनाने की क्षमता 1,10,000 टन से बढ़कर 2,45,000 टन हो जाएगी। वहीं, आलू से बने दूसरे खास प्रोडक्ट्स (potato specialties) की क्षमता 15,000 टन से बढ़कर 40,000 टन हो जाएगी। कुल मिलाकर, कंपनी आलू को प्रोसेस करने की क्षमता को 3,50,000 टन से बढ़ाकर लगभग 7,00,000 टन कर लेगी। यह HyFun Foods की छठी यूनिट होगी और यह मेसाणा (Mehsana) में मौजूदा प्लांट के साथ मिलकर काम करेगी।
रेवेन्यू (Revenue) का बड़ा लक्ष्य
इस विस्तार के दम पर HyFun Foods का रेवेन्यू भी तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर (FY) 2028 तक ₹3,500 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना है। हालिया फाइनेंशियल ईयर (FY25) में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,350 करोड़ था, और चालू फाइनेंशियल ईयर में यह ₹1,500 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। नया प्लांट जनवरी 2027 में शुरू होने वाली आलू की फसल के साथ उत्पादन शुरू कर देगा।
एक्सपोर्ट (Export) का दम और किसान गठजोड़
HyFun Foods के लिए एक्सपोर्ट एक बड़ा जरिया है। FY25 में कंपनी के कुल रेवेन्यू का करीब 70% एक्सपोर्ट से आया था, जिससे करीब ₹1,100 करोड़ कमाए गए। कंपनी साउथ-ईस्ट एशिया, फार ईस्ट और GCC देशों में अपने प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है। अमेरिका में Walmart को भी कंपनी हैश ब्राउन (hash browns) सप्लाई करती है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, HyFun Foods अपने कॉन्ट्रैक्ट फार्मर (contract farmer) नेटवर्क का भी विस्तार कर रही है। कंपनी गुजरात और मध्य प्रदेश में पहले से जुड़े 7,000 किसानों की संख्या को बढ़ाकर अगले सीजन तक 12,000 से 15,000 करने वाली है। कंपनी भविष्य में मध्य प्रदेश में एक और बड़ा प्लांट लगाने की योजना बना रही है, जो अगले 1 से 1.5 साल में तैयार हो सकता है। अगले पांच सालों में उत्तर प्रदेश में भी विस्तार की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
IPO की राह और इंडस्ट्री का भविष्य
HyFun Foods का इरादा 2028-29 तक पब्लिक लिस्टिंग (IPO) का है। इसके लिए FY27 के आखिर तक IPO की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। IPO से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल भविष्य के विस्तार, जैसे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में प्लांट लगाने और शायद प्याज प्रोसेसिंग (onion processing) में उतरने के लिए किया जाएगा। यह कदम ऐसे समय में आ रहा है जब भारत में आलू प्रोसेसिंग इंडस्ट्री सालाना 15-20% की दर से बढ़ रही है। HyFun Foods खुद पिछले एक दशक में 30-35% की ग्रोथ रेट से आगे बढ़ी है, जो इंडस्ट्री के औसत से काफी ज्यादा है। ग्लोबल फ्रेंच फ्राइज़ मार्केट के 2026 से 2034 तक सालाना 5.95% की दर से बढ़कर 29.98 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
चुनौतियां और जोखिम
हालांकि, HyFun Foods को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा। एक्सपोर्ट पर ज्यादा निर्भरता करेंसी की उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों में बदलाव से कंपनी का बिजनेस प्रभावित हो सकता है। 15,000 किसानों तक अपने नेटवर्क को बढ़ाना एक जटिल काम होगा, जिसमें मैनेजमेंट और सिस्टम को मजबूत करना होगा। किसानों से आलू की खरीद में प्राइस वोलेटिलिटी (price volatility), क्वालिटी कंप्लायंस (quality compliance) और फर्म व किसानों के बीच पावर इम्बैलेंस (power imbalance) जैसे जोखिम भी हैं, जो सप्लाई में लगातार दिक्कतें पैदा कर सकते हैं। साथ ही, सार्वजनिक कंपनी बनने के बाद वित्तीय रिपोर्टिंग और कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर अधिक जांच होगी।