दिवाली के बाद भारत में होटल के कमरों के दाम **27%** तक बढ़ने की संभावना है। लेजर डिमांड में तेजी के कारण हॉस्पिटैलिटी सेक्टर अपनी कीमतों में बढ़ोतरी कर रहा है, जिससे होटल चेन के मार्जिन्स सुधरने के संकेत मिल रहे हैं।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में प्राइसिंग पावर
दिवाली के ठीक बाद, यानी 11 नवंबर से 15 नवंबर के बीच, मिड-स्केल होटल के रेट्स में लगभग 27% की भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। होटल इंडस्ट्री के लिए यह ट्रेंड एक बड़ी खबर है, क्योंकि इससे एवरेज डेली रेट्स (ADR) में सुधार होगा। निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि महंगाई के बावजूद घरेलू यात्री खर्च करने के लिए तैयार हैं, जो सीधे तौर पर होटल कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन्स को बूस्ट दे सकता है।
प्रीमियम डेस्टिनेशंस पर ज्यादा असर
गोवा जैसे कोस्टल एरिया और अन्य प्रीमियम टूरिस्ट स्पॉट पर मांग आपूर्ति (Supply) से कहीं ज्यादा है। सड़क मार्ग के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के चलते लोग अब एयर ट्रेवल के बजाय ड्राइव-टू डेस्टिनेशंस (Drive-to Destinations) को ज्यादा चुन रहे हैं। इसका सीधा फायदा उन होटल चेन्स को हो रहा है, जिनकी मौजूदगी टियर-2 और टियर-3 शहरों के लेजर लोकेशन्स पर ज्यादा है।
बदलती ट्रेवल आदतें और चुनौतियां
एयरफेयर के ऊंचे दाम और एयर ट्रेवल में बाधाओं के चलते लोग अब बस और ट्रेन का रुख कर रहे हैं। इससे हाईवे और ट्रांजिट रूट पर स्थित होटलों के लिए एक नया अवसर पैदा हुआ है। हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना होगा कि क्या इतनी ऊंची कीमतें आगे चलकर डिमांड को धीमा कर सकती हैं। आने वाली तिमाहियों में होटल कंपनियां अपनी बढ़ती ऑपरेशनल कॉस्ट को कैसे मैनेज करती हैं, यह उनके प्रॉफिट मार्जिन के लिए सबसे बड़ा टेस्ट होगा।
