Mamaearth की पेरेंट कंपनी Honasa Consumer ने अपने एक सीनियर एग्जीक्यूटिव, Shivang Jain को बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी है। उन्हें कंपनी की सब्सिडियरी BTM Ventures का CEO बनाया गया है। BTM Ventures, Reginald Men और Molecular Company जैसे ब्रांड्स को मैनेज करती है। इस इंटरनल लीडरशिप बदलाव का मकसद इन नए ब्रांड्स की ग्रोथ स्ट्रेटेजी को और तेज़ करना है।
Honasa Consumer में बड़ा फेरबदल
Mamaearth के नाम से मशहूर Honasa Consumer ने अपने एक भरोसेमंद चेहरे, Shivang Jain को बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी है। कंपनी ने उन्हें अपनी सब्सिडियरी BTM Ventures का नया CEO नियुक्त किया है। BTM Ventures, Honasa Consumer के ही दो पर्सनल केयर ब्रांड्स - Reginald Men और Molecular Company - का कामकाज देखती है। यह नियुक्ति कंपनी के भीतर एक बड़े लीडरशिप बदलाव का हिस्सा है।
Shivang Jain का अनुभव
Shivang Jain इससे पहले Honasa Consumer में कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी और चीफ ऑफ स्टाफ के वाइस प्रेसिडेंट (VP) के तौर पर काम कर रहे थे। इस भूमिका में, उन्होंने फाउंडर्स के साथ मिलकर स्ट्रेटेजिक प्लानिंग, पोर्टफोलियो एक्सपेंशन और बिज़नेस डेवलपमेंट जैसे अहम कामों पर काम किया। Shivang Jain के पास कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी और बिज़नेस ट्रांसफॉर्मेशन का 10 साल से ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने JPMorgan Chase & Co, EY और Avendus Capital जैसी जानी-मानी इन्वेस्टमेंट बैंक्स और कंसल्टिंग फर्मों में भी काम किया है।
नए ब्रांड्स पर फोकस
BTM Ventures की कमान एक समर्पित लीडर के हाथों में देकर, Honasa Consumer यह साफ संकेत दे रही है कि वह अपने छोटे ब्रांड्स पर ज़्यादा ध्यान देना चाहती है। जहां Mamaearth कंपनी के लिए रेवेन्यू का मुख्य जरिया बना हुआ है, वहीं Reginald Men और Molecular Company के ज़रिए कंपनी पर्सनल केयर सेगमेंट में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है। निवेशकों की नज़र इस बात पर होगी कि क्या ये छोटे ब्रांड्स, कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर ज़्यादा दबाव डाले बिना या भारी-भरकम मार्केटिंग खर्च के बिना, अपनी पहचान बना पाते हैं।
ग्रोथ और एग्जीक्यूशन की स्ट्रेटेजी
कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि Shivang Jain की स्ट्रेटेजी और एग्जीक्यूशन की पृष्ठभूमि इन ब्रांड्स को बनाने और स्केल करने में महत्वपूर्ण साबित होगी। Honasa Consumer का बिज़नेस मॉडल 'हाउस ऑफ ब्रांड्स' (House of Brands) अप्रोच पर आधारित रहा है, जिसमें वे छोटे ब्रांड्स को या तो खुद बनाते हैं या फिर उन्हें खरीदते हैं और फिर अपने मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का इस्तेमाल करके उनकी पहुंच बढ़ाते हैं। इस स्ट्रेटेजी की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि कंपनी एक साथ कई ब्रांड्स को स्केल करने की लागत का प्रबंधन करते हुए अपने ऑपरेशन्स को कितना कुशल बनाए रख पाती है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
शेयरधारकों और बाज़ार पर नज़र रखने वालों के लिए, BTM Ventures के तहत आने वाले ब्रांड्स की फाइनेंशियल ग्रोथ सबसे अहम होगी। कंपनी को पहले भी इस सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और नए ग्राहकों को जोड़ने की ऊंची लागत जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। निवेशक भविष्य की तिमाही नतीजों पर नज़र रख सकते हैं, यह देखने के लिए कि क्या ये खास ब्रांड्स कंपनी के कुल रेवेन्यू ग्रोथ में ज़्यादा अहम योगदान देना शुरू करते हैं। इसके अलावा, इन ब्रांड्स के लिए आवंटित कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) और उनके प्रॉफिटेबल बनने की दिशा में हो रही प्रगति पर मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नज़र रखना भी ज़रूरी होगा, क्योंकि इस इंडस्ट्री में ज़्यादा मार्केटिंग लागत अक्सर ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव डाल सकती है।
