Home Appliance Prices: त्योहारों के बीच झटका! कंपनियों ने फिर बढ़ाई कीमतें, अब जेब पर पड़ेगा भारी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Home Appliance Prices: त्योहारों के बीच झटका! कंपनियों ने फिर बढ़ाई कीमतें, अब जेब पर पड़ेगा भारी

त्योहारी सीजन में देश की बड़ी होम अप्लायंस कंपनियों ने इस साल तीसरी बार कीमतों में इजाफा किया है। अक्टूबर से लागू हुई इस बढ़ोतरी के बाद अब होम अप्लायंस **3%** से **8%** तक महंगे हो गए हैं, जिससे ग्राहकों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।

भारत के होम और किचन अप्लायंस मार्केट में त्योहारी सीजन के दौरान ग्राहकों को झटका लगा है। 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हुए इस प्राइस हाइक के तहत एयर कंडीशनर की कीमतों में 5% से 8% तक की बढ़ोतरी की गई है, जबकि अन्य बड़े उपकरणों के दाम 3% से 4% तक बढ़ गए हैं। इसकी मुख्य वजह कॉपर, एल्युमीनियम, स्टील और क्रूड ऑयल डेरिवेटिव्स जैसे कच्चे माल की बढ़ती लागत है।

मार्जिन बचाने की जद्दोजहद

LG Electronics, Blue Star, Haier, और Godrej जैसी बड़ी कंपनियां अपनी लागत बढ़ने के दबाव में हैं और इसका बोझ ग्राहकों पर डाल रही हैं। वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के कारण ग्लोबल लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ा है, जिससे इंपोर्टेड कंपोनेंट्स महंगे हो गए हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए कंपनियां अब लोकल मैन्युफैक्चरिंग को तेज कर रही हैं ताकि लंबे समय में सप्लाई चेन को स्टेबल किया जा सके।

'प्रीमियम' पर दांव

महंगाई के बावजूद कंपनियां त्योहारी सीजन को लेकर काफी पॉजिटिव हैं। इसकी बड़ी वजह 'प्रीमियमाइजेशन' है। ग्राहक अब सस्ते ऑप्शंस की बजाय फीचर-रिच और एनर्जी-एफिशिएंट प्रीमियम अप्लायंसेज को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी ट्रेंड के दम पर कंपनियां अपनी रेवेन्यू ग्रोथ को बरकरार रखने की कोशिश कर रही हैं।

फाइनेंसिंग का सहारा

बढ़ती कीमतों के बीच कंपनियों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए नो-कॉस्ट EMI और बैंक-लेड इंसेंटिव्स का सहारा लिया है। यह कदम त्योहारी सेल्स के लिए संजीवनी का काम कर रहा है, जिससे खरीदार महंगी चीजों के लिए भी आसानी से निवेश कर पा रहे हैं।

निवेशकों के लिए चेतावनी

हालाँकि बाजार का आउटलुक अभी ठीक है, लेकिन रिस्क बरकरार हैं। अगर डिमांड आने वाले समय में नरम पड़ती है और कंपनियां आगे भी कीमतें बढ़ाती हैं, तो सेल्स वॉल्यूम में गिरावट देखने को मिल सकती है। निवेशकों को यह नजर रखनी चाहिए कि क्या कंपनियां बिना कंज्यूमर सेंटीमेंट खराब किए लागत का दबाव झेल पाएंगी और ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव कंपनी के मार्जिन को कितना प्रभावित करता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.