आज Hindustan Unilever (HUL) के शेयरों में **2.44%** की बढ़त देखने को मिली और यह **₹2,149.60** पर पहुंच गया। यह तेजी तब आई है जब कंपनी ने मार्च 2026 तिमाही में अपने नेट प्रॉफिट में **54.6%** की बड़ी गिरावट दर्ज की है। निवेशक इस तिमाही की गिरावट को कंपनी के लंबे समय के रेवेन्यू ग्रोथ और कर्ज-मुक्त स्टेटस के साथ तौल रहे हैं।
तिमाही नतीजों का सच
मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के लिए, Hindustan Unilever ने ₹2,998 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछली तिमाही (दिसंबर 2025) में दर्ज ₹6,610 करोड़ के प्रॉफिट की तुलना में 54.6% की भारी गिरावट है। वहीं, मार्च तिमाही के लिए रेवेन्यू ₹16,351 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही से 0.5% कम है। इसके चलते, अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी पिछली तिमाही के ₹28.12 से घटकर ₹12.73 रह गया, जो निवेशकों के लिए लाभप्रदता का एक अहम पैमाना होता है।
लंबी अवधि की वित्तीय तस्वीर
हाल के तिमाही आंकड़ों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, पिछले चार सालों में कंपनी का सालाना प्रदर्शन विस्तार का रुझान दिखाता है। अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2022 में ₹52,446 करोड़ से बढ़कर मार्च 2026 तक सालाना रेवेन्यू ₹64,468 करोड़ हो जाएगा। इसी तरह, इसी अवधि में सालाना नेट प्रॉफिट ₹8,887 करोड़ से बढ़कर ₹10,667 करोड़ होने का अनुमान है, और सालाना ईपीएस ₹64.01 तक पहुंचने की उम्मीद है।
बैलेंस शीट की मजबूती और वैल्यूएशन
HUL की वित्तीय प्रोफाइल की एक खास बात इसका कर्ज-मुक्त होना है। कंपनी ने 2022-2026 की अवधि के दौरान शून्य का डेट-टू-इक्विटी रेशियो बनाए रखा है, जो निवेशकों को वित्तीय स्थिरता प्रदान करता है। इसके अलावा, कंपनी की रिटर्न जेनरेट करने की क्षमता में सुधार हुआ है, जिसमें रिटर्न ऑन नेटवर्थ (ROE) फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए 30.85% तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2022 में 18.09% था। नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, स्टॉक 32.11 के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो और 9.91 के प्राइस-टू-बुक (P/B) रेशियो पर ट्रेड कर रहा है।
आगे क्या देखें?
कंपनी ने डिविडेंड बांटना जारी रखा है। नवंबर 2025 में ₹19.00 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड के बाद, 23 जून 2026 को ₹22.00 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड तय है। आगे चलकर, निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण अपडेट 28 जुलाई 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग होगी। इस मीटिंग से जून 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजों पर और अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है, और यह मैनेजमेंट की हालिया मार्जिन और प्रॉफिट ग्रोथ पर दबाव को संबोधित करने की योजनाओं पर भी प्रकाश डाल सकती है।
