Hindustan Coca-Cola Beverages (HCCB) ने आंध्र प्रदेश में अपना विस्तार करने की योजना बनाई है। कंपनी विजयनगरम में नया प्लांट लगाने और चित्तूर की मौजूदा यूनिट की क्षमता बढ़ाने के लिए **₹1,127 करोड़** का निवेश करेगी।
विस्तार की रणनीति
आंध्र प्रदेश सरकार की स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन कमिटी से मंजूरी मिलने के बाद, HCCB ने दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने का खाका तैयार कर लिया है। इस निवेश का बड़ा हिस्सा, यानी ₹842 करोड़, विजयनगरम में एक अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बनाने पर खर्च किए जाएंगे। यहाँ कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स, जूस और टेट्रा-पैक प्रोडक्ट्स का उत्पादन होगा। वहीं, चित्तूर में मौजूदा फैसिलिटी के विस्तार के लिए ₹285 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जहाँ सॉफ्ट ड्रिंक्स और पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर की लाइनें बढ़ाई जाएंगी।
क्या इसमें निवेश का मौका है?
निवेशकों को यह स्पष्ट रूप से समझना चाहिए कि Hindustan Coca-Cola Beverages एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है और यह फिलहाल नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड नहीं है। इसलिए, रिटेल निवेशक सीधे तौर पर इसके शेयर नहीं खरीद सकते।
हालांकि, चर्चाओं का बाजार तब गर्म हुआ जब इसकी पैरेंट कंपनी Hindustan Coca-Cola Holdings (HCCH) के 2027 तक IPO लाने की खबरें सामने आईं। फिलहाल, HCCH में 60% हिस्सेदारी The Coca-Cola Company के पास है, जबकि बाकी 40% हिस्सेदारी Jubilant Bhartia Group ने 2025 के मध्य में अधिग्रहित की थी।
रिस्क और मार्केट फैक्टर्स
FMCG सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग आधारित निवेश हमेशा कच्चे माल (जैसे चीनी और पैकेजिंग सामग्री) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वाटर मैनेजमेंट जैसे रेगुलेटरी रिस्क के अधीन होते हैं। कंपनी के लिए बड़ी चुनौती इन बड़े प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा में पूरा करना और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मार्जिन को बनाए रखना होगा।
