Hexagon Nutrition की शानदार लिस्टिंग! IPO प्राइस से **7%** ऊपर खुला शेयर

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AuthorNeha Patil|Published at:
Hexagon Nutrition की शानदार लिस्टिंग! IPO प्राइस से **7%** ऊपर खुला शेयर

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Hexagon Nutrition ने शेयर बाजार में शानदार डेब्यू किया है। कंपनी के शेयर आज **7.22%** के प्रीमियम पर खुले, जो इसके **₹45** के इश्यू प्राइस से काफी ऊपर है। हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट में लगातार बढ़ोतरी हुई है, लेकिन निवेशकों को इसके हाई डेट लेवल पर नज़र रखनी चाहिए। इस IPO से **₹138.87 करोड़** जुटाए गए थे।

क्या हुआ आज?

Hexagon Nutrition के शेयर आज स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हुए और बाजार को सकारात्मक संकेत दिया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कंपनी के शेयर ₹48.25 पर खुले, जो इसके इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) प्राइस ₹45 से 7.22% ज्यादा है। वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर शेयर ₹48 पर लिस्ट हुए, जो 6.67% का प्रीमियम दर्शाता है। 9 जून को बंद हुए इस IPO के जरिए ऑफर फॉर सेल (Offer for Sale) में 3.09 करोड़ शेयर बेचकर ₹138.87 करोड़ जुटाए गए थे।

कंपनी का फाइनेंशियल हेल्थ

हालिया वित्तीय नतीजों पर नजर डालें तो कंपनी ने लगातार ग्रोथ दिखाई है। ऑपरेशन्स से रेवेन्यू FY23 के ₹281.65 करोड़ से बढ़कर FY24 में ₹304.62 करोड़ और FY25 में ₹331.29 करोड़ हो गया। नेट प्रॉफिट में तो और भी तेजी देखने को मिली है, जो FY23 के ₹5.82 करोड़ से बढ़कर FY24 में ₹12.21 करोड़ और FY25 में ₹24.38 करोड़ पर पहुंच गया। FY26 की तीसरी तिमाही में कंपनी ने ₹27.03 करोड़ का नेट प्रॉफिट और ₹275.57 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। यह दिखाता है कि कंपनी अपने रेवेन्यू के मुकाबले मुनाफा बढ़ाने में कामयाब रही है।

डेट का पहरा

जहां प्रॉफिट में ग्रोथ एक अच्छी खबर है, वहीं निवेशकों को कंपनी की कैपिटल स्ट्रक्चर पर भी ध्यान देना चाहिए। Fiscal Year 2025 के लिए, कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 2.83 था। सरल शब्दों में, इसका मतलब है कि कंपनी अपने बिजनेस को चलाने के लिए उधार पर काफी निर्भर है, जिसमें अपनी पूंजी के हर एक रुपये के लिए लगभग तीन रुपये का कर्ज शामिल है। हाई डेट लेवल कैश फ्लो पर दबाव डाल सकता है, क्योंकि मुनाफे का एक हिस्सा ब्याज चुकाने में चला जाता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी अपने बढ़ते मुनाफे का उपयोग करके इस कर्ज के बोझ को कैसे कम करती है।

सेक्टर का समीकरण

Hexagon Nutrition हेल्थ और न्यूट्रिशन सेक्टर में काम करती है, जो भारत में तेजी से बढ़ रहा है। लोगों में प्रीवेंशन हेल्थकेयर और डाइटरी सप्लीमेंट्स के प्रति जागरूकता बढ़ने से इस सेक्टर की डिमांड बढ़ रही है। हालांकि, कंपनी को इस न्यूट्रास्यूटिकल्स (Nutraceuticals) मार्केट में स्थापित खिलाड़ियों और नए ब्रांड्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। अपने प्रोडक्ट की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ मार्जिन बनाए रखने की क्षमता कंपनी के लॉन्ग-टर्म परफॉरमेंस के लिए अहम साबित होगी।

आगे क्या देखें?

निवेशकों के लिए अब सबसे अहम होगा कि कंपनी अपनी बैलेंस शीट को कैसे मैनेज करती है। डेट लेवल का ट्रेंड, प्राइसिंग कम्पटीशन के बीच प्रॉफिट मार्जिन की स्थिरता और प्रोडक्शन कैपेसिटी का एक्चुअल यूटिलाइजेशन जैसे पहलुओं पर नजर रखनी होगी। इसके अलावा, मैनेजमेंट की ओर से फ्यूचर कैपिटल स्पेंडिंग या बैलेंस शीट को डी-लीवरेज (Deleverage) करने की योजनाओं पर कोई भी कमेंटरी अहम होगी। साथ ही, लिस्टिंग के शुरुआती उत्साह के बाद आने वाले हफ्तों में स्टॉक की चाल पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।

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Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.