Havells India ने जून तिमाही में **20%** की शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जो **₹6,518 करोड़** रहा। हालांकि, कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर थोड़ा दबाव दिखा, जो घटकर **7.2%** रह गया। इस गिरावट की मुख्य वजह एडवरटाइजिंग और प्रमोशनल खर्चों में भारी बढ़ोतरी है, जिसे कंपनी आने वाली तिमाहियों में सामान्य करने की उम्मीद कर रही है।
रेवेन्यू में 20% की जोरदार बढ़त
Havells India ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में टॉप-लाइन रेवेन्यू में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू 20% बढ़कर ₹6,518 करोड़ तक पहुंच गया। यह पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले एक बड़ी छलांग है।
मार्जिन पर दबाव की कहानी
हालांकि, रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर थोड़ा असर पड़ा है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 230 बेसिस पॉइंट्स घटकर 7.2% पर आ गया। इस मार्जिन कंप्रेशन का मुख्य कारण ब्रांड विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए उठाया गया एक रणनीतिक कदम है। इस वजह से एडवरटाइजिंग और सेल्स प्रमोशन पर कंपनी का खर्च बढ़कर ₹286 करोड़ हो गया।
एडवरटाइजिंग खर्च और प्राइसिंग स्ट्रैटेजी
मार्केटिंग पर बढ़ा हुआ खर्च एक फ्रंट-लोडेड इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी का हिस्सा है। तुलना के लिए, Havells ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 में एडवरटाइजिंग पर लगभग ₹600 करोड़ खर्च किए थे। मैनेजमेंट का कहना है कि यह खर्च साल के आगे बढ़ने के साथ सामान्य होकर रेवेन्यू के 2.7% से 2.8% के लॉन्ग-टर्म रेंज में वापस आ जाएगा।
इसके अलावा, कच्चे माल, खासकर कॉपर और एल्युमीनियम की बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए, कंपनी ने 7% से 8% तक की प्राइस हाइक लागू की है। कुछ कैटेगरी में तो यह बढ़ोतरी 20% तक भी गई है। इन प्राइस एक्शन्स का मकसद लागत के दबाव के बीच लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी को सुरक्षित रखना है।
सेगमेंट परफॉर्मेंस और ग्रोथ
कंपनी के अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट्स ने मिले-जुले नतीजे दिखाए हैं।>
- केबल्स डिवीजन: रेवेन्यू में 27% की ग्रोथ के साथ ₹2,455 करोड़ का योगदान दिया।
- रिन्यूएबल्स बिजनेस: सोलर प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग के चलते 236% की जबरदस्त ग्रोथ के साथ ₹314 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया।
- स्विचगियर सेगमेंट: वेस्ट एशिया में संघर्ष के कारण एक्सपोर्ट चुनौतियों के चलते 4% की गिरावट देखी गई।
- लॉयड कंज्यूमर ड्यूरेबल्स: 15% की ग्रोथ दर्ज की, लेकिन गर्मी के सीजन की देरी और चैनल इन्वेंट्री एडजस्टमेंट के चलते यह सेगमेंट अभी भी लॉस में चल रहा है।
फ्यूचर एक्सपेंशन और कैपिटल प्लान
Havells लॉन्ग-टर्म कैपेसिटी और प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर फोकस कर रही है। कंपनी ने FY27 के लिए ₹1,400 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर की योजना बनाई है। इसमें से ₹800 करोड़ केबल्स की कैपेसिटी बढ़ाने के लिए आवंटित किए गए हैं, जबकि ₹200 करोड़ नए रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर के निर्माण के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा, कंपनी एनर्जी पोर्टफोलियो में भी विविधता ला रही है, जिसमें नॉर्वे की Pixii AS के साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स मार्केट में एंट्री के लिए पार्टनरशिप भी शामिल है।
निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में कंपनी की आक्रामक मार्केटिंग और एक्सपेंशन खर्चों को मार्जिन रिकवरी के साथ बैलेंस करने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। एडवरटाइजिंग खर्चों का सामान्य होना, लॉयड बिजनेस सेगमेंट की रिकवरी की रफ्तार और केबल्स के लिए प्लांटेड कैपेसिटी एक्सपेंशन का एग्जीक्यूशन महत्वपूर्ण रहेगा।
