Havells India Share: रेवेन्यू में **19.5%** की उछाल, मार्जिन रिकवरी पर कंपनी की नजर

CONSUMER-PRODUCTS
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Havells India Share: रेवेन्यू में **19.5%** की उछाल, मार्जिन रिकवरी पर कंपनी की नजर

Havells India ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने रेवेन्यू में **19.5%** की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है। यह उछाल मुख्य रूप से केबल सेगमेंट में मजबूत मांग के कारण आया है। हालांकि, बढ़ी हुई विज्ञापन और मटेरियल लागतों ने मुनाफे के मार्जिन पर असर डाला है। कंपनी अब रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट में विस्तार पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।

सेगमेंट के हिसाब से ग्रोथ और मुनाफे की चुनौती

Havells India ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में 19.5% का रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज किया है। यह इलेक्ट्रिकल और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के लिए मजबूत मांग को दर्शाता है, भले ही कंपनी को कुछ बाहरी दबावों का सामना करना पड़ा हो। कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और गर्मी के मौसम में देरी के कारण कंपनी की कुल बिक्री पर थोड़ा असर पड़ा। इन चुनौतियों से निपटने के लिए, मैनेजमेंट ने विभिन्न प्रोडक्ट्स में 7-8% की मूल्य वृद्धि लागू की है।

केबल सेगमेंट का दबदबा

Wires & Cables सेगमेंट इस तिमाही में टॉप-लाइन ग्रोथ का एक बड़ा जरिया रहा, जिसने पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 27% की रेवेन्यू वृद्धि दर्ज की। इस सेगमेंट को बेहतर मूल्य प्राप्ति का लाभ मिला, हालांकि चैनल पार्टनर्स द्वारा इन्वेंट्री को मैनेज करने के कारण वास्तविक बिक्री वॉल्यूम स्थिर रही। दूसरी ओर, कॉपर और एल्यूमीनियम की बढ़ी हुई लागत के कारण इस बिजनेस सेगमेंट के प्रॉफिट मार्जिन में लगभग 220 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और लाइटिंग में सुधार

Electrical Consumer Durables डिवीजन में 12% की ग्रोथ देखी गई। कंपनी अब अपने बाजार की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए हाई-वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है। लाइटिंग बिजनेस में, जहां पहले मूल्य में गिरावट देखी गई थी, अब स्थिरता लौट रही है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि भविष्य में मूल्य निर्धारण के जरिए कंपोनेंट लागत में हो रही वृद्धि का कुछ बोझ ग्राहकों पर डाला जाएगा।

रिन्यूएबल्स और लॉयड पर खास फोकस

हाल की तिमाही में एक महत्वपूर्ण कदम यह था कि रिन्यूएबल्स बिजनेस को एक अलग सेगमेंट के रूप में औपचारिक रूप से अलग किया गया। इस डिवीजन में अब सोलर पंप, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जर्स और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम शामिल हैं। नॉर्वे की Pixii AS के साथ साझेदारी करके, Havells का लक्ष्य अपने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एनर्जी स्टोरेज ऑफर्स को मजबूत करना है, जो भारत के क्लीनर एनर्जी स्रोतों की ओर बढ़ते रुझान के साथ दीर्घकालिक विकास को लक्षित करता है।

इसी के साथ, कंज्यूमर अप्लायंसेज पर फोकस करने वाले लॉयड (Lloyd) ब्रांड ने भी गर्मियों के मौसम की उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन न करने के बावजूद अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई। एयर कंडीशनर वॉल्यूम ग्रोथ सिंगल डिजिट में रही, लेकिन ब्रांड ने रणनीतिक मूल्य निर्धारण के माध्यम से रेवेन्यू की गति बनाए रखी। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के आगे बढ़ने के साथ लॉयड के प्रॉफिट मार्जिन में डबल डिजिट तक सुधार होगा।

कैपिटल स्पेंडिंग और भविष्य का दृष्टिकोण

Havells ने FY27 के लिए लगभग ₹1,400 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत व्यय) का प्रावधान किया है। इसमें से ₹800 करोड़ केबल की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए और ₹200 करोड़ एक नई रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सुविधा के लिए आवंटित किए गए हैं। ये निवेश दीर्घकालिक क्षमता का समर्थन करने के लिए हैं, लेकिन ये ग्रोथ को बनाए रखने के लिए उच्च खर्च पर कंपनी की निर्भरता को भी दर्शाते हैं।

कंपनी का स्टॉक वर्तमान में अनुमानित FY28 की आय के मुकाबले लगभग 37 गुना पर कारोबार कर रहा है। निवेशकों के लिए, आगे का रास्ता इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या हाल की मूल्य वृद्धि इनपुट लागत मुद्रास्फीति की भरपाई कर पाती है और क्या उपभोक्ता मांग मूल्य-संवेदनशील बाजार में स्थिर रहती है। अगले कुछ तिमाहियों में मार्जिन की दिशा पर नजर रखना सबसे महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि विज्ञापन खर्च सामान्य हो रहा है और कंपनी अपने नए व्यावसायिक सेगमेंट को बढ़ा रही है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.