Havells India की जून तिमाही में रेवेन्यू **19.5%** बढ़ा है, लेकिन बढ़ती लागत और Lloyd सेगमेंट में हुए नुकसान के चलते कंपनी का नेट प्रॉफिट **16.7%** घट गया है। शेयर फिलहाल अपने **52-वीक लो** के करीब ट्रेड कर रहा है।
Havells India इस समय एक कठिन दौर से गुजर रही है। कंपनी का ऑपरेशनल खर्च बढ़ने और कंज्यूमर अप्लायंसेज डिवीजन में चुनौतियों के चलते फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर दबाव दिख रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 19.5% बढ़कर ₹6,518 करोड़ रहा, लेकिन बॉटम लाइन उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 16.7% गिरकर ₹290 करोड़ पर आ गया है।
मुनाफे पर क्यों है दबाव?
कंपनी के मार्जिन में तगड़ी गिरावट दर्ज की गई है। जून तिमाही में EBITDA मार्जिन घटकर 7.15% रह गया, जो पिछले साल इसी दौरान 9.46% था। इसकी मुख्य वजह कॉपर और एल्युमीनियम जैसे कच्चे माल की बढ़ती कीमतें हैं। इसके अलावा, कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते कंपनी अपने रेवेन्यू का लगभग 4.4% हिस्सा विज्ञापन और प्रमोशन पर खर्च कर रही है, जिसका असर शॉर्ट-टर्म मुनाफे पर पड़ा है।
Lloyd डिवीजन की मुश्किलें बरकरार
एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर बनाने वाले Lloyd सेगमेंट ने एक बार फिर निराश किया है। इस डिवीजन को ₹56.3 करोड़ का EBIT लॉस हुआ है। निवेशकों की चिंता इसी बात को लेकर है कि कंपनी इन्वेंट्री लेवल को नॉर्मल करने और एफिशिएंसी बढ़ाने में कितना समय लेती है। हालांकि, केबल्स और वायर्स सेगमेंट का प्रदर्शन मजबूत रहा, लेकिन यह कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेगमेंट के नुकसान की भरपाई करने के लिए काफी नहीं था।
भविष्य की योजना और आउटलुक
इन चुनौतियों के बावजूद, Havells India ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए ₹1,400 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान रखा है। कंपनी का फोकस अपनी केबल बिजनेस की क्षमता बढ़ाने और R&D में निवेश करने पर है। फिलहाल शेयर ₹1,123.60 के 52-वीक लो के आसपास मंडरा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या कंपनी बढ़ती कमोडिटी लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल पाती है या नहीं और कब तक Lloyd डिवीजन मुनाफे में वापस आता है।
