हेल्दी स्नैक ब्रांड Happilo के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025 चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का रेवेन्यू **15%** गिरकर **₹282.57 करोड़** पर आ गया है और कंपनी को **₹9.55 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, जिसके चलते इसकी वैल्यूएशन में भी बड़ी गिरावट देखी गई है।
बेंगलुरु स्थित हेल्दी स्नैक ब्रांड Happilo के लिए बीते फाइनेंशियल ईयर में प्रदर्शन काफी सुस्त रहा है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 15% घटकर ₹282.57 करोड़ रह गया। इसके साथ ही, कंपनी ने ₹9.55 करोड़ का नेट लॉस भी रिपोर्ट किया है, जो बताता है कि प्रतिस्पर्धी कंज्यूमर गुड्स मार्केट में मुनाफा कमाना कंपनी के लिए कितना कठिन हो गया है।
वैल्यूएशन में भारी गिरावट
कंपनी के लिए सबसे बड़ा झटका इसकी वैल्यूएशन में आई कमी है। साल 2022 में जब कंज्यूमर स्टार्टअप्स के प्रति निवेशकों का भारी उत्साह था, तब Happilo की वैल्यूएशन $191.9 मिलियन के पीक पर थी। अब ताजा अनुमानों के मुताबिक, यह गिरकर ₹700 करोड़ (लगभग $78.7 मिलियन) के स्तर पर आ गई है। यह प्राइवेट मार्केट में आए उस बड़े बदलाव को दर्शाता है जहां अब निवेशक 'ग्रोथ एट एनी कॉस्ट' के बजाय लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी पर ज्यादा जोर दे रहे हैं।
निवेश और भविष्य की राह
इतनी चुनौतियों के बावजूद, Happilo को A91 Partners और Motilal Oswal Private Equity जैसे बड़े संस्थानों का साथ मिला हुआ है। इन निवेशकों ने पहले कंपनी को ऑफलाइन और ऑनलाइन रिटेल विस्तार के लिए पूंजी उपलब्ध कराई थी। कंपनी, जिसकी शुरुआत 2016 में मात्र ₹75 लाख के सरकारी लोन से हुई थी, अब एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। अब मैनेजमेंट का मुख्य फोकस ऑपरेटिंग कॉस्ट को मैनेज करने और प्रोडक्ट मिक्स को ग्राहकों की बदलती पसंद के हिसाब से बदलने पर है। भारतीय स्नैकिंग सेक्टर में अब बड़े FMCG प्लेयरों और छोटे, चुस्त ब्रांडों के बीच मुकाबला बेहद कड़ा हो गया है, जिससे कंपनी के सामने आने वाले समय में अपने मार्जिन को सुधारने की बड़ी चुनौती होगी।
