Haleon India का बड़ा दांव! वेलनेस पर फोकस कर बिजनेस दोगुना करेंगे, पर लोकल कंपनियों से कड़ी टक्कर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Haleon India का बड़ा दांव! वेलनेस पर फोकस कर बिजनेस दोगुना करेंगे, पर लोकल कंपनियों से कड़ी टक्कर
Overview

Haleon India के CEO केदार लेले (Kedar Lele) देश में स्वास्थ्य के प्रति लोगों की सोच बदलने की तैयारी में हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले **4 सालों** में अपने बिजनेस को दोगुना करना है, जिसके लिए वह 'बीमारी के इलाज' से हटकर 'प्रिवेंटिव वेलनेस' यानी रोकथाम वाली सेहत पर जोर देगी। इस योजना में Sensodyne जैसे प्रीमियम प्रोडक्ट्स को आम आदमी की पहुंच तक ले जाना भी शामिल है।

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वेलनेस पर फोकस, बिजनेस बढ़ाने का प्लान

Haleon India के CEO केदार लेले का मानना है कि वे 'बीमारी की कंपनी' नहीं, बल्कि 'वेलनेस कंपनी' हैं। इस सोच के साथ, वे भारत में अपने पोर्टफोलियो की जानी-मानी ब्रांड्स जैसे Sensodyne, ENO, Centrum, Crocin, और Parodontax के जरिए ग्रोथ हासिल करना चाहते हैं। उनकी रणनीति है कि लोगों को बीमारियों का इलाज कराने के बजाय, सेहत का ख्याल रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इस प्लान के तहत, कंपनी अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती है और लोगों को रोजमर्रा की स्वास्थ्य आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहती है।

Q1 में दमदार परफॉरमेंस, पर आम आदमी तक कैसे पहुंचेगा प्रीमियम?

फाइनेंशियल ईयर 2026 की पहली तिमाही (Q1 2026) के नतीजों में Haleon ने £2.9 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जिसमें भारत का योगदान डबल-डिजिट ग्रोथ के रूप में रहा। खासकर ओरल हेल्थ (oral health) सेगमेंट में Sensodyne की 8.3% की ग्रोथ ने अहम भूमिका निभाई। Haleon का लक्ष्य अगले 3 से 4 सालों में 1 बिलियन नए ग्लोबल कंज्यूमर्स जोड़ना है, और इसमें 300-400 मिलियन कंज्यूमर्स अकेले भारत से आने की उम्मीद है।

इस लक्ष्य को पाने के लिए, कंपनी ने साउथ एशिया को एक अलग ऑपरेटिंग यूनिट बनाया है। इसके साथ ही, कंपनी अपनी प्रीमियम ब्रांड्स को आम जनता तक पहुंचाने के लिए इनोवेशन पर भी ध्यान दे रही है। इसका एक बड़ा उदाहरण है, छोटे शहरों और गांवों के लिए ₹20 वाले Sensodyne के पैक। कंपनी Parodontax और Pronamel जैसी ब्रांड्स को भी सिर्फ डॉक्टरों या फार्मेसी तक सीमित न रखकर, ज्यादा से ज्यादा कंज्यूमर्स तक पहुंचाना चाहती है। पिछले 18 महीनों में, Haleon ने अपने रिटेल आउटलेट्स को लगभग दोगुना करके 1 मिलियन कर लिया है, जिसमें ग्रामीण इलाकों पर खास फोकस है, जो अब कंपनी के भारत के रेवेन्यू का 20-25% हिस्सा देते हैं।

भारतीय कंपनियों से कड़ी टक्कर और मार्जिन पर दबाव का खतरा

भारत का कंज्यूमर हेल्थ मार्केट $78 बिलियन का है और यह लगातार बढ़ रहा है। Haleon के ग्लोबल P/E रेशियो (Price-to-Earnings Ratio) जहां 19.00-23.37 के आसपास है, वहीं भारतीय कंपनियाँ जैसे Colgate-Palmolive India 44.42-45.03 और Dabur India 43.42-46.26 के मल्टीपल पर ट्रेड कर रही हैं। Haleon के लिए असली चुनौती Dabur, ITC और Colgate-Palmolive India जैसी स्थापित भारतीय FMCG कंपनियों से है, जिनके पास बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और कंज्यूमर का भरोसा है।

Haleon की 'एक्सेसिबिलिटी' और 'वेलनेस' की स्ट्रेटेजी सही दिशा में है, लेकिन इसे लागू करना आसान नहीं होगा। खासकर, ₹20 वाले कम कीमत वाले पैक के जरिए वॉल्यूम बढ़ाने की कोशिश में कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है। कच्चे तेल से जुड़े पैकेजिंग कॉस्ट में ग्लोबल टेंशन के कारण महंगाई का खतरा भी है। कंपनी का शेयर पिछले एक साल में -18.58% तक गिर चुका है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.