Haier Appliances India ने 2026 तक **₹14,000 करोड़** से ज्यादा का रेवेन्यू हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। ओनरशिप में हुए बड़े बदलाव और कंपनी के कर्ज-मुक्त (debt-free) होने के बाद यह नई रणनीति बनाई गई है।
ओनरशिप में बदलाव और नई शुरुआत
कंपनी के स्ट्रक्चर में हाल ही में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। साल 2025 के अंत में, भारती एंटरप्राइजेज (Bharti Enterprises) और वॉरबर्ग पिंकस (Warburg Pincus) के कंसोर्टियम ने कंपनी में 49% हिस्सेदारी खरीदी है, जबकि चीन की Haier Group के पास भी 49% हिस्सेदारी बनी हुई है। बाकी 2% हिस्सेदारी मैनेजमेंट के पास है।
कर्ज से मुक्ति और मजबूती
इस रीस्ट्रक्चरिंग के बाद कंपनी की फाइनेंशियल सेहत काफी सुधरी है। मैनेजमेंट ने चीनी शेयरहोल्डर्स का पूरा बाहरी कमर्शियल कर्ज चुका दिया है, जिससे कंपनी अब पूरी तरह से कर्ज-मुक्त (debt-free) हो गई है। यह स्थिति कंपनी को बिना किसी ब्याज के बोझ के भविष्य के बड़े निवेश करने की आजादी देती है।
₹7,400 करोड़ का मेगा मैन्युफैक्चरिंग पुश
कंपनी अपना तीसरा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने जा रही है, जिस पर ₹7,400 करोड़ का भारी-भरकम निवेश किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट दो चरणों में पूरा होगा, जिसके लिए ₹3,900 करोड़ और ₹3,500 करोड़ का फंड तय किया गया है। इसके जरिए फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे अप्लायंसेज का घरेलू उत्पादन बढ़ाया जाएगा ताकि आयात पर निर्भरता कम हो सके।
पिछला प्रदर्शन और चुनौतियां
दिसंबर 2025 को समाप्त फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने ₹9,974 करोड़ का रेवेन्यू और ₹517 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। हालांकि, प्रतिस्पर्धा बहुत कड़ी है। इसके अलावा, विदेशी निवेश से जुड़ी सरकारी नीतियों (जैसे Press Note 3) और बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स में देरी या कच्चे माल की बढ़ती लागत जैसी चुनौतियां कंपनी के मुनाफे पर असर डाल सकती हैं।
बता दें कि Haier India फिलहाल एक अनलिस्टेड कंपनी है, इसलिए इसके शेयर किसी भी पब्लिक एक्सचेंज जैसे NSE या BSE पर ट्रेड नहीं होते हैं।
