Haier Appliances India ने साल 2026 तक **₹14,000 करोड़** का रेवेन्यू हासिल करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का रेवेन्यू **₹9,974 करोड़** रहा था। हालांकि यह एक प्राइवेट कंपनी है, लेकिन इसकी आक्रामक विस्तार योजनाएं कंज्यूमर अप्लायंस सेक्टर में हलचल पैदा कर रही हैं।
ग्रोथ की नई रणनीति
Haier Appliances India ने हाल ही में अपने भविष्य के रोडमैप का खुलासा किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में 21% की शानदार ग्रोथ के साथ ₹9,974 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था, जिसे अब अगले साल तक ₹14,000 करोड़ तक ले जाने का प्लान है। कंपनी अपनी इस ग्रोथ को बनाए रखने के लिए प्रीमियम प्रोडक्ट्स के पोर्टफोलियो पर फोकस कर रही है।
बड़े निवेश और मैन्युफैक्चरिंग
इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कंपनी 3 से 4 साल की अवधि में ₹3,500 करोड़ का भारी निवेश कर रही है। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य लोकल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाना है। कंपनी का लक्ष्य 2027 तक 40 लाख यूनिट्स सालाना उत्पादन करने का है, जिससे इंपोर्ट पर निर्भरता कम होगी और सप्लाई चेन को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा।
बढ़ती लागत और कीमतों का असर
महंगाई और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए कंपनी ने पिछले कुछ महीनों में अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में 10% से 12% की बढ़ोतरी की है। इतना ही नहीं, अक्टूबर में प्रीमियम रेंज पर 2% की और बढ़ोतरी की तैयारी है। अब कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद अपनी बिक्री वॉल्यूम (Sales Volume) को बरकरार रखने की है।
ओनरशिप और रेगुलेटरी चुनौतियां
Haier का ऑपरेशंस Haier Group, Bharti Enterprises और Warburg Pincus के एक कंसोर्टियम के जरिए चलता है। चाइनीज पैरेंट कंपनी होने के कारण, इस पर 'प्रेस नोट 3' (Press Note 3) जैसी रेगुलेटरी गाइडलाइंस की बारीकी से निगरानी रहती है। साथ ही, ग्लोबल पैरेंट को दी जाने वाली ब्रांड-यूसेज रॉयल्टी फीस भी कंपनी के नेट प्रॉफिट मार्जिन पर असर डालती है। आगामी त्योहारी सीजन में मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का चालू होना कंपनी के लिए अगला सबसे बड़ा माइलस्टोन होगा।
