हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) के स्वामित्व वाले स्किनकेयर ब्रांड Minimalist ने वित्त वर्ष 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। अपने पहले पूरे वित्तीय वर्ष में, ब्रांड के रेवेन्यू में **36%** की जोरदार बढ़ोतरी हुई, जो **₹690.2 करोड़** तक पहुंच गया। सबसे खास बात यह है कि ब्रांड ने **₹25.9 करोड़** का नेट प्रॉफिट भी दर्ज किया है।
Minimalist की पहली बड़ी जीत
Hindustan Unilever (HUL) द्वारा अधिग्रहित स्किनकेयर ब्रांड Minimalist ने अपने वित्तीय प्रदर्शन की घोषणा कर दी है। वित्त वर्ष 2026 (मार्च 2026 में समाप्त) में, जयपुर स्थित इस ब्रांड ने अपनी आय में 36% का इजाफा देखा, जो पिछले साल के ₹506.5 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹690.2 करोड़ हो गया।
यह ब्रांड के लिए एक बड़ी सफलता है क्योंकि इसने FY25 में हुए नुकसान के बाद, FY26 में ₹25.9 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Profit After Tax) दर्ज किया है। यह HUL के स्वामित्व में ब्रांड के संचालन को बढ़ाने के प्रयासों को दर्शाता है। याद दिला दें कि HUL ने अप्रैल 2025 में Uprising Science (Minimalist की पैरेंट कंपनी) में 90.5% हिस्सेदारी ₹2,955 करोड़ में खरीदी थी, जिसका मकसद प्रीमियम ब्यूटी और वेलनेस सेगमेंट में अपनी स्थिति मजबूत करना था।
ब्रांडिंग पर भारी खर्च, पर मुनाफे में वापसी
वित्त वर्ष 2026 के लिए ब्रांड का कुल खर्च ₹664.8 करोड़ रहा। इसमें से एक बड़ा हिस्सा आक्रामक ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर खर्च किया गया। विज्ञापन और प्रचार (Advertising and Promotional) पर ₹235 करोड़ खर्च हुए, जो पिछले साल के मुकाबले 55% ज्यादा है। यह सीधा-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्यूटी स्पेस में अपनी पहचान बनाए रखने की रणनीति को दिखाता है।
निवेशकों के लिए अहम बात यह है कि भारी मार्केटिंग खर्च के बावजूद, कंपनी मुनाफे में लौटने में कामयाब रही। यह दर्शाता है कि व्यवसाय अपने खर्चों को कवर करने के लिए पर्याप्त स्केल उत्पन्न कर रहा है। हालांकि, यह भी देखना होगा कि क्या कंपनी ग्राहकों को हासिल करने की लागत (Customer Acquisition Cost) बढ़ने या बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने पर अपने मुनाफे के मार्जिन को बनाए रख पाती है या नहीं।
मार्केट में रणनीतिक स्थिति और आगे की चुनौतियां
HUL का स्वामित्व Minimalist को डिस्ट्रीब्यूशन, सप्लाई चेन मैनेजमेंट और रिसर्च जैसी सुविधाओं का लाभ देता है, जिसका उपयोग ब्रांड दीर्घकालिक विकास के लिए करना चाहता है। भारत का ब्यूटी और पर्सनल केयर सेक्टर तेजी से प्रीमियम और स्पेशलाइज्ड ब्रांड्स की ओर बढ़ रहा है, और HUL जैसी FMCG कंपनियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
लेकिन, प्रीमियम स्किनकेयर मार्केट में कई स्थापित कंपनियां और नए प्रतिस्पर्धी मौजूद हैं। निवेशकों के लिए मुख्य चिंता यह है कि क्या Minimalist अपने विज्ञापन और प्रचार खर्च को असंगत रूप से बढ़ाए बिना ग्रोथ और मुनाफे को बनाए रख पाएगा। साथ ही, एक डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड को एक बड़े FMCG ढांचे में एकीकृत करना भी परिचालन संबंधी जटिलताएं पैदा कर सकता है।
