Hindustan Unilever के शेयरों में शुक्रवार को भारी बिकवाली देखने को मिली और यह **52-हफ्ते के नए निचले स्तर** पर लुढ़क गया। कंपनी ने अपनी नई 'Winning in New India' स्ट्रैटेजी का ऐलान किया है, जिसमें फ्यूचर ग्रोथ के लिए कैपिटल स्पेंडिंग को बढ़ाकर **3%** करने की योजना है।
शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को HUL के कैपिटल मार्केट्स डे के दौरान मैनेजमेंट ने अपनी नई ग्रोथ ब्लूप्रिंट 'Winning in New India' पेश की। एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर में चल रही चुनौतियों के बीच कंपनी ने अपनी रणनीति बदली है।
नई रणनीति और कैपिटल खर्च
कंपनी ने अपनी कैपिटल स्पेंडिंग को टर्नओवर के 2% से बढ़ाकर 3% करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य प्रीमियम कैटेगरी और कम पेनिट्रेशन वाले बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करना है। कंपनी ने अपने कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन गाइडेंस को 22.5% से 23.5% के दायरे में बरकरार रखने का भरोसा दिलाया है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
जून 2026 तिमाही में कंपनी की अंडरलाइंग सेल्स ग्रोथ 10% रही, जो पिछले दौर की सुस्ती के मुकाबले सुधार दिखाती है। हालांकि, बाजार का मूड अभी भी सतर्क है, जिससे स्टॉक साल भर में निफ्टी 50 (Nifty 50) के मुकाबले अंडरपरफॉर्म कर रहा है।
निवेशकों के लिए अहम बातें
कंपनी अपने 90 लाख से ज्यादा रिटेल आउटलेट्स के नेटवर्क के जरिए प्रोटीन सप्लीमेंट्स और रेडी-टू-ड्रिंक बेवरेजेस जैसे नए क्षेत्रों पर दांव लगा रही है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह बढ़ा हुआ खर्च कंपनी को वॉल्यूम-लेड ग्रोथ दिला पाएगा या मार्जिन पर दबाव बरकरार रहेगा।
