नतीजों पर डीमेर्जर और GST का साया
HUL के Q3FY26 के नतीजे इस बार कई मायनों में खास रहने वाले हैं। जहाँ एक ओर कंपनी की आय में हल्की बढ़ोतरी की उम्मीद है, वहीं आइसक्रीम बिज़नेस को अलग करने (Demerger) का फैसला और GST की वजह से अक्टूबर की बिक्री में आई रुकावट नतीजों को थोड़ा प्रभावित कर सकती है। बाजार की नजरें 'लाइक-फॉर-लाइक' (Like-for-like) परफॉर्मेंस पर होंगी, ताकि कंपनी की असली ग्रोथ का अंदाजा लग सके।
क्या हैं उम्मीदें? (The Core Numbers)
एनालिस्ट्स के अनुसार, HUL का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में करीब 1% बढ़कर लगभग ₹2,568.5 करोड़ हो सकता है। वहीं, रेवेन्यू में करीब 4% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹16,022.28 करोड़ तक पहुंच सकता है। इस ग्रोथ का मुख्य कारण GST दरों में हुए बदलाव के बाद डिमांड का धीरे-धीरे वापस पटरी पर आना माना जा रहा है। कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ (Volume Growth) 2% से 3% के बीच रहने का अनुमान है।
गौरतलब है कि HUL ने अपने आइसक्रीम बिज़नेस को Kwality Wall's India Ltd (KWIL) के नाम से अलग कर दिया है, जिसकी लिस्टिंग फरवरी 2026 में होने की उम्मीद है। इस डीमेर्जर का असर रिपोर्टेड नतीजों पर दिखेगा। Emkay Global का अनुमान है कि डीमेर्जर के बाद एडजस्ट किया गया रेवेन्यू (Like-for-like revenue) 4% रह सकता है। HUL का शेयर फिलहाल ₹2435 के आस-पास ट्रेड कर रहा है और नतीजों के बाद इसमें हलचल देखने को मिल सकती है।
डीमेर्जर का मकसद और सेगमेंट्स का हाल (Strategic Focus)
आइसक्रीम बिज़नेस, जो HUL के कुल रेवेन्यू का करीब 2.7% हिस्सा था और कम मार्जिन पर काम करता था, उसे अलग करने के पीछे कंपनी का मकसद अपने मुख्य सेगमेंट्स जैसे होम केयर, ब्यूटी एंड पर्सनल केयर, और फूड्स एंड रिफ्रेशमेंट्स पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करना है। यह कदम कंपनी की ग्लोबल स्ट्रेटेजी के तहत है, जिसका लक्ष्य ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करना है।
Kotak Institutional Equities का मानना है कि डीमेर्जर के बाद 3.4% लाइक-फॉर-लाइक रेवेन्यू ग्रोथ और 2% की वॉल्यूम ग्रोथ देखी जा सकती है। अलग-अलग सेगमेंट्स की बात करें तो होम केयर में 1.5% ग्रोथ (कीमतों में कटौती के बावजूद), ब्यूटी और पर्सनल केयर में 3.8%, और फूड्स एंड रिफ्रेशमेंट्स (आइसक्रीम को छोड़कर) में 6% ग्रोथ की उम्मीद है।
कॉम्पिटिशन और मैक्रो इकोनॉमिक फैक्टर (Market Dynamics)
FMCG सेक्टर में HUL के मुकाबले Dabur India और Marico जैसे कॉम्पिटिटर्स ने दिसंबर तिमाही में मजबूत ग्रोथ दर्ज की है। Dabur India का रेवेन्यू 6.20% और Marico का 26.59% बढ़ा है। वहीं, Britannia Industries का नेट प्रॉफिट 18% बढ़ने की उम्मीद है।
हालांकि, ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि 2026 में FMCG सेक्टर में हाई सिंगल-डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ बनी रहेगी, जो इनपुट कॉस्ट में नरमी और कमोडिटी की कीमतों में स्थिरता का नतीजा है। 2026-27 के बजट में एग्री-इंफ्रास्ट्रक्चर, रूरल डिमांड और टियर-2/टियर-3 शहरों पर फोकस कंज्यूमर खर्च को बढ़ावा दे सकता है।
ऐतिहासिक तौर पर, HUL के शेयर Q3 नतीजों के बाद गिरते रहे हैं। Q3FY25 में 3.5-4% और Q3FY24 में 3.6% की गिरावट आई थी, जब वॉल्यूम ग्रोथ स्थिर या उम्मीद से कम थी।
क्यों चिंता में हैं एनालिस्ट्स? (The Bear Case)
बाजार की कुछ चिंताएं भी हैं। 2-3% की मामूली वॉल्यूम ग्रोथ यह दर्शाती है कि मांग अभी भी धीमी है। लोग छोटे पैक साइज़ या सस्ते विकल्पों की ओर जा सकते हैं। ITC और Godrej Consumer Products जैसे स्थापित खिलाड़ियों के अलावा, फुर्तीले D2C ब्रांड्स और प्राइवेट लेबल्स से भी HUL को कड़ी टक्कर मिल रही है।
इनपुट कॉस्ट में नरमी से मार्जिन को सहारा मिल सकता है, लेकिन अगर कमोडिटी की कीमतें फिर बढ़ीं या कॉम्पिटिशन से निपटने के लिए विज्ञापन पर खर्च बढ़ाना पड़ा, तो मुनाफे पर दबाव आ सकता है।
आगे क्या? (Future Outlook)
कुल मिलाकर, एनालिस्ट्स HUL को लेकर पॉजिटिव हैं और अधिकतर की 'Buy' रेटिंग है। 29 एनालिस्ट्स का एवरेज 12-महीने का टारगेट प्राइस ₹2,826 है, जो मौजूदा स्तरों से करीब 16% का अपसाइड दिखाता है। अगले क्वार्टर की सेल्स ₹160.60 अरब के आसपास रहने का अनुमान है।
बाजार की प्रतिक्रिया इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी डीमेर्जर के बाद की रणनीति, वॉल्यूम ग्रोथ की स्थिरता और मौजूदा चुनौतियों पर कैसे पकड़ बनाती है।
