Hindustan Unilever Q2 Results: बिक्री में 15% का उछाल, लेकिन मार्जिन पर बढ़ते दबाव ने बढ़ाई चिंता

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AuthorAditya Rao|Published at:
Hindustan Unilever Q2 Results: बिक्री में 15% का उछाल, लेकिन मार्जिन पर बढ़ते दबाव ने बढ़ाई चिंता

Hindustan Unilever ने सितंबर तिमाही में **15%** की सेल्स ग्रोथ दर्ज की है, जिसमें **7%** का वॉल्यूम योगदान रहा। हालांकि, बढ़ती कमोडिटी कीमतों के कारण EBITDA मार्जिन **140 बेसिस पॉइंट्स** गिरकर **22.6%** पर आ गया है।

सेल्स में तेजी, लेकिन मुनाफे पर मार

सितंबर तिमाही के नतीजों में Hindustan Unilever (HUL) ने शानदार वॉल्यूम-लेड ग्रोथ दिखाई है। कंपनी की अंडरलाइंग सेल्स में 15% की बढ़ोतरी हुई है और वॉल्यूम में 7% की वृद्धि यह दर्शाती है कि बाजार में कंज्यूमर डिमांड अब भी काफी मजबूत बनी हुई है। हालांकि, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों ने कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को दबाव में ला दिया है।

मार्जिन का गणित

तिमाही के दौरान EBITDA मार्जिन 22.6% रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 140 बेसिस पॉइंट्स नीचे है। कंपनी का कुल टर्नओवर ₹18,071 करोड़ रहा, जबकि EBITDA में 8% की बढ़त देखी गई और यह ₹4,089 करोड़ तक पहुँच गया। मैनेजमेंट की रणनीति फिलहाल कीमतें बढ़ाने के बजाय वॉल्यूम ग्रोथ पर ज्यादा जोर देने की है, ताकि मार्केट शेयर बरकरार रहे।

FY27 के लिए मैनेजमेंट का रोडमैप

कंपनी के मैनेजमेंट ने भविष्य को लेकर पॉजिटिव रुख अपनाया है। FY27 के लिए EBITDA मार्जिन को 22% से 24% के दायरे में बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रही है।

निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?

एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर का प्रदर्शन पाम ऑयल और क्रूड डेरिवेटिव्स जैसी कमोडिटी की कीमतों पर बहुत अधिक निर्भर करता है। वॉल्यूम ग्रोथ निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन अगर इनपुट इन्फ्लेशन लगातार बढ़ती रही, तो मार्जिन पर दबाव और गहरा सकता है। आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि HUL बढ़ती लागत और कंज्यूमर स्पेंडिंग के बीच कैसे तालमेल बिठाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.