Hindustan Unilever (HUL) ने अपनी नई ग्रोथ स्ट्रैटेजी 'Winning in New India' का ऐलान कर दिया है। कंपनी अपने कैपिटल स्पेंडिंग (Capex) को टर्नओवर के **2%** से बढ़ाकर **3%** करेगी और अपने पूरे पोर्टफोलियो को रिस्ट्रक्चर करने की तैयारी में है।
नई रणनीति से बदली दिशा
4 सितंबर, 2026 को पेश की गई इस नई स्ट्रैटेजी के जरिए HUL लंबे समय से चल रही सुस्ती को खत्म करना चाहती है। कंपनी का फोकस अब ब्रांड विजिबिलिटी और डिजिटल मार्केटिंग पर है। इसके लिए कंपनी ने अपने सालाना टर्नओवर का 3% हिस्सा निवेश करने का फैसला लिया है।
पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव
कंपनी अपने पोर्टफोलियो को पूरी तरह से बदलने की राह पर है। इसमें Ice Cream कारोबार का डीमर्जर और Pureit ब्रांड की बिक्री जैसे बड़े कदम शामिल हैं। इन गैर-जरूरी एसेट्स से हटकर HUL का फोकस अब प्रीमियम स्किनकेयर, मेल ग्रूमिंग और फंक्शनल न्यूट्रिशन जैसे तेजी से बढ़ने वाले सेक्टर्स पर होगा। कंपनी ने ऑपरेशनल एफिशिएंसी से 5% टर्नओवर की बचत का लक्ष्य रखा है।
मार्जिन और गाइडेंस
कंपनी ने अपनी मीडियम-टर्म EBITDA मार्जिन गाइडेंस को 22% से 24% की रेंज में ब्रॉड कर दिया है। इसका मकसद बिना मुनाफे के दबाव के बिजनेस में दोबारा निवेश करना है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
HUL का शेयर हाल ही में अपने 52-वीक लो पर पहुंच गया था। बाजार की चिंता वॉल्यूम ग्रोथ को लेकर है। इसके अलावा:
- कच्चे माल की महंगाई: पाम ऑयल और क्रूड ऑयल डेरिवेटिव्स के बढ़ते दाम मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं।
- क्विक कॉमर्स: इस चैनल पर बढ़ते कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट भी एक चुनौती है।
- ग्रामीण मांग: अगर रूरल डिमांड की रिकवरी उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई, तो वॉल्यूम ग्रोथ पर असर पड़ेगा।
अगले हफ्ते होने वाली इंस्टीट्यूशनल मीटिंग्स में मैनेजमेंट इस पूरी योजना पर और स्पष्टता दे सकता है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर होगी।
