Unilever ने अपने मुंबई और बेंगलुरु स्थित R&D सेंटर्स में **€35 मिलियन** (लगभग **₹300 करोड़**) के बड़े निवेश का ऐलान किया है। कंपनी का फोकस अब AI और बायोटेक पर है, लेकिन निवेशकों की नजरें इस साल **20%** तक टूट चुके HUL के शेयरों पर टिकी हैं।
टेक्नोलॉजी पर फोकस
Unilever अपनी रिसर्च क्षमताओं को नेक्स्ट-जेनरेशन लेवल पर ले जाने की तैयारी में है। इस €35 मिलियन के निवेश का बड़ा हिस्सा मुंबई और बेंगलुरु की लैब को अपग्रेड करने में खर्च होगा। मुंबई के सेंटर को 'प्रोडक्ट इनोवेशन सेंटर' में बदला जाएगा, जहां AI का इस्तेमाल कंज्यूमर इनसाइट्स और डिजाइन के लिए किया जाएगा। वहीं, बेंगलुरु का हब फूड टेक्नोलॉजी और रिसर्च का केंद्र बना रहेगा। कंपनी ने अगले पांच सालों के लिए 'Bio-Futures' प्लेटफॉर्म पर भी €5 मिलियन खर्च करने का वादा किया है।
फाइनेंशियल सेहत और मार्केट का रिएक्शन
निवेशकों के लिए यह खबर एक लंबी अवधि की रणनीति की तरह है, लेकिन बाजार की चिंताएं कम नहीं हो रही हैं। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में HUL का टर्नओवर तो 15% बढ़कर ₹18,071 करोड़ रहा, लेकिन मुनाफा कमाने की क्षमता पर दबाव साफ दिखा। कंपनी के EBITDA मार्जिन 140 बेसिस पॉइंट्स घटकर 22.6% पर आ गए हैं, जिसकी मुख्य वजह इनपुट कॉस्ट में बढ़ती महंगाई है।
यही कारण है कि HUL के शेयर इस साल अब तक 20% की गिरावट दिखा चुके हैं। हालांकि कंपनी का बैलेंस शीट मजबूत है और यह 'नेट-डेट फ्री' है, साथ ही इसका 'रिटर्न ऑन इक्विटी' 21-24% के बीच बना हुआ है, लेकिन FMCG सेक्टर में मांग की सुस्ती अभी भी निवेशकों के लिए बड़ा सिरदर्द बनी हुई है। अब देखना यह होगा कि कंपनी की यह नई टेक्नोलॉजी वाली रणनीति कब तक मार्जिन और वॉल्यूम में सुधार ला पाती है।
