HUL ने कैसे लगाया मुनाफे का दांव?
Hindustan Unilever (HUL) ने हेल्थ और वेलनेस सेक्टर में अपने शुरुआती निवेश का बेहतरीन फायदा उठाया है। कंपनी ने Wellbeing Nutrition में अपनी 19.8% हिस्सेदारी USV Pharma को ₹307 करोड़ में बेच दी है। यह डील HUL के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुई है, क्योंकि 2022 में कंपनी ने इसी ब्रांड में ₹70 करोड़ का निवेश किया था, जब कंपनी का वैल्यूएशन ₹350 करोड़ था। इस एग्जिट से HUL को अपने शुरुआती निवेश पर 430% से अधिक का रिटर्न मिला है। यह कंपनी की उस स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिसमें वह हाई-ग्रोथ वाले डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड्स में पैसा लगाकर, उनके बड़े होने पर वैल्यू को मोनेटाइज करती है। इस डील से पहले भी HUL ने OZiva जैसे D2C वेलनेस ब्रांड्स में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी थी और हाल ही में पर्सनल केयर ब्रांड Minimalist को भी एक्वायर किया है।
घाटे के बावजूद Wellbeing Nutrition का शानदार वैल्यूएशन
Wellbeing Nutrition ने FY25 में ₹118.48 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹38 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। इसके बावजूद, इस डील में कंपनी का वैल्यूएशन करीब ₹1,600 करोड़ (85% हिस्सेदारी के आधार पर) लगाया गया है। यह दिखाता है कि इन्वेस्टर्स इंडिया के तेजी से बढ़ते न्यूट्रास्यूटिकल मार्केट में ग्रोथ पोटेंशियल पर बड़ा दांव लगाने को तैयार हैं। बढ़ते डिस्पोजेबल इनकम, प्रिवेंटिव हेल्थ पर बढ़ते फोकस और ई-कॉमर्स के विस्तार के कारण इस सेक्टर में जबरदस्त डिमांड है। इस डील के बाद फाउंडर Avnish Chhabria के पास मेजॉरिटी स्टेक रहेगा और उन्हें अपनी हिस्सेदारी के लिए करीब ₹800 करोड़ मिलेंगे। इस सौदे के 31 मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
इंडिया का बूमिंग वेलनेस सेक्टर
यह डील भारत के न्यूट्रास्यूटिकल और वेलनेस मार्केट की डायनामिक्स को दर्शाती है। अनुमान है कि 2024 में डाइटरी सप्लीमेंट्स मार्केट अकेले USD 177.9 बिलियन का था और 2030 तक यह 10.8% CAGR से बढ़ सकता है। व्यापक न्यूट्रास्यूटिकल मार्केट का वैल्यूएशन 2024 में USD 8 बिलियन था और इसके 11% CAGR से बढ़ने का अनुमान है। इस तेजी के पीछे कई कारण हैं, जैसे बढ़ती डिस्पोजेबल आय, हेल्थ के प्रति जागरूकता, शहरीकरण और ई-कॉमर्स का बढ़ता दायरा। इस सेगमेंट में OZiva, Kapiva, Plix जैसे D2C ब्रांड्स के साथ Dabur और Patanjali जैसे बड़े FMCG प्लेयर्स भी मौजूद हैं। Wellbeing Nutrition का सफर इस सेगमेंट में D2C ब्रांड्स की अपार संभावनाओं को दिखाता है।
HUL के वैल्यूएशन पर सवाल?
हालांकि HUL के लिए यह एक प्रोफिटेबल एग्जिट है, लेकिन खुद HUL के वैल्यूएशन को लेकर एनालिस्ट्स के बीच मिली-जुली राय है। ज्यादातर एनालिस्ट्स 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, लेकिन एक बड़ा तबका 'Sell' रेटिंग भी दे रहा है, जिसका मुख्य कारण HUL का हाई P/E रेश्यो (करीब 53) है। दिसंबर तिमाही में कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ 4% रही, लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ सिर्फ 2.6% और नेट प्रॉफिट 13.7% गिर गया, जिसका कारण पोर्टफोलियो ट्रांसफॉर्मेशन की लागत और मार्जिन पर दबाव रहा। HUL का इतिहास ऐसे बिजनेस को बेचने का भी रहा है, जिन्होंने बाद में बड़ी ग्रोथ हासिल की, जैसे कि Pureit। इससे इनवेस्टर्स के मन में लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजिक विजन को लेकर सवाल उठते हैं। वेलनेस ब्रांड्स को स्केल करने में भारी कैपिटल इन्वेस्टमेंट की जरूरत होती है, जैसा कि Wellbeing Nutrition के लगातार लॉस से पता चलता है।
आगे क्या?
USV Pharma, जो फार्मा इंडस्ट्री का एक बड़ा नाम है, Wellbeing Nutrition के D2C चैनल और मार्केट प्रेजेंस का फायदा उठाने के लिए तैयार है। यह डील भारत के कंज्यूमर हेल्थ और वेलनेस सेगमेंट में जारी इनवेस्टर कॉन्फिडेंस को मजबूत करती है। HUL के लिए, यह एग्जिट उसकी एक्टिव पोर्टफोलियो मैनेजमेंट स्ट्रैटेजी को और मजबूत करता है, जिसमें वह ग्रोथ-ओरिएंटेड वेंचर्स में निवेश करके वैल्यू क्रिएट करती है।