पर्सनल हाइजीन प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी HR Hygiene Products अपना SME IPO लेकर आ रही है। यह IPO **29 जुलाई** को खुलेगा और कंपनी **₹53.95 करोड़** जुटाएगी। इस पैसे का इस्तेमाल गुजरात में नई फैक्ट्री लगाने और कर्ज चुकाने में किया जाएगा।
Detailed Coverage
IPO में क्या है खास?
HR Hygiene Products, जो सैनिटरी नैपकिन और डायपर जैसे पर्सनल हाइजीन प्रोडक्ट्स बनाती है, ने BSE SME प्लेटफॉर्म पर अपने आने वाले IPO का पूरा प्लान जारी कर दिया है। कंपनी 29 जुलाई से 31 जुलाई तक जनता के लिए अपना IPO खोलेगी। इस दौरान निवेशक ₹83 से ₹88 प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर बोली लगा सकते हैं।
इस पब्लिक इश्यू में फ्रेश शेयर्स का इश्यू और प्रमोटर्स का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) दोनों शामिल हैं। कंपनी ₹43.17 करोड़ के फ्रेश शेयर्स जारी करके ₹49.05 लाख जुटाएगी, वहीं प्रमोटर्स ₹10.78 करोड़ के 12.25 लाख इक्विटी शेयर्स बेचकर पैसा जुटाएंगे। एंकर इन्वेस्टर्स के लिए 28 जुलाई को विंडो खुलेगी। कंपनी को उम्मीद है कि 3 अगस्त तक अलॉटमेंट फाइनल हो जाएगा और 5 अगस्त तक BSE SME प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी।
विस्तार और कर्ज चुकाने की रणनीति
IPO से जुटाए गए पैसों में से ₹31.36 करोड़ का बड़ा हिस्सा गुजरात के राजकोट में एक दूसरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने में खर्च होगा। इस नई यूनिट से कंपनी डायपर की प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाएगी। कंपनी की मौजूदा फैक्ट्री में FY25 में 85% कैपेसिटी यूटिलाइजेशन देखा गया, जबकि प्रोडक्शन वॉल्यूम FY24 के 11.40 करोड़ पीस से बढ़कर 18.15 करोड़ पीस हो गया। इसके अलावा, कंपनी ₹3.56 करोड़ का इस्तेमाल अपने मौजूदा कर्ज को चुकाने में करेगी, जिससे कंपनी का बैलेंस शीट मजबूत होगा।
फाइनेंशियल परफॉरमेंस
पिछले दो फाइनेंशियल इयर्स में कंपनी ने लगातार ग्रोथ दिखाई है। FY25 में रेवेन्यू बढ़कर ₹130.7 करोड़ हो गया, जो FY24 के ₹114.6 करोड़ से 14.04% ज्यादा है। नेट प्रॉफिट भी बढ़कर ₹11.4 करोड़ (FY25) हो गया, जो पिछले साल ₹9.1 करोड़ था। EBITDA 15.7% बढ़कर ₹17.1 करोड़ रहा, जिससे EBITDA मार्जिन 8.73% पर पहुंच गया।
इस IPO पर नजर रखने वाले निवेशकों को कंपनी की मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर ध्यान देना चाहिए, खासकर जब वह राजकोट में नई यूनिट शुरू करेगी। SME IPO होने के नाते, लिस्टिंग के बाद स्टॉक में लिक्विडिटी मेनबोर्ड कंपनियों से अलग हो सकती है। निवेशकों को मैनेजमेंट द्वारा प्रोजेक्ट टाइमलाइन के एग्जीक्यूशन पर भी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि नई कैपेसिटी सेटअप में देरी भविष्य के रेवेन्यू ग्रोथ को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, Femiss, Womanica, ElderFit, और Bloom Baby जैसे ब्रांड्स के साथ कॉम्पिटिटिव कंज्यूमर गुड्स सेक्टर में बड़े प्लेयर्स से मुकाबला करने के लिए मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन पर लगातार फोकस बनाए रखना होगा।
