Greenpanel Industries ने Q1 FY27 के लिए ₹1.23 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹34.62 करोड़ के घाटे से बड़ी रिकवरी है। हालांकि, घरेलू मांग से रेवेन्यू में 8.5% की बढ़ोतरी के बावजूद, मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के कारण कंपनी के एक्सपोर्ट सेल्स के पूरी तरह रुक जाने से स्टॉक में लगभग 5% की गिरावट आई।
ग्रीनपैनल इंडस्ट्रीज के नतीजे
लकड़ी के पैनल बनाने वाली प्रमुख कंपनी Greenpanel Industries ने 2026-27 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹1.23 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह पिछले साल की इसी अवधि में दर्ज ₹34.62 करोड़ के नेट लॉस से एक बड़ा सुधार है। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹349.9 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 8.5% अधिक है।
मुनाफे में कैसे आई तेजी?
मुनाफे में यह सुधार मुख्य रूप से ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मीडियम-डेंसिटी फाइबरबोर्ड (MDF) बिजनेस में 12% की घरेलू वॉल्यूम ग्रोथ की वजह से हुआ है। कंपनी का ऑपरेटिंग EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) बढ़कर ₹33.5 करोड़ हो गया, जिससे मार्जिन 9.6% तक पहुंच गया। पिछले फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में यह मार्जिन सिर्फ 4.0% था।
एक्सपोर्ट में बड़ा झटका
घरेलू बाजार में अच्छी परफॉर्मेंस के बावजूद, कंपनी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार को एक बड़ा झटका लगा है। Greenpanel ने इस तिमाही में शून्य एक्सपोर्ट सेल्स की रिपोर्ट की है। कंपनी ने इसका पूरा श्रेय मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव को दिया है। ऐतिहासिक रूप से ये बाजार कंपनी के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं, और एक्सपोर्ट वॉल्यूम में अचानक आई यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
फाइनेंशियल पोजीशन और मैनेजमेंट
वित्तीय मोर्चे पर, कंपनी ने 30 जून, 2026 तक अपने नेट डेट को घटाकर ₹141 करोड़ कर लिया है, जो मार्च 2026 के अंत में ₹156 करोड़ था। इसके अलावा, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कुछ प्रमोटर ग्रुप सदस्यों को प्रमोटर श्रेणी से पब्लिक श्रेणी में री-क्लासिफाई करने को मंजूरी दे दी है।
बाजार की प्रतिक्रिया
इन नतीजों पर बाजार की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही। 7 अगस्त, 2026 को स्टॉक की कीमत लगभग 4.95% गिरकर ₹192.90 पर बंद हुई। यह स्टॉक अपने 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहा है, जो सेक्टर के प्रदर्शन को लेकर निवेशकों की सावधानी को दर्शाता है।
निवेशकों की नजरें अब कंपनी की ओर से लकड़ी के पैनल उद्योग में तीव्र प्रतिस्पर्धा से निपटने की क्षमता पर होंगी, जो अक्सर मूल्य निर्धारण और लाभ मार्जिन पर दबाव डालता है। इसके अतिरिक्त, भू-राजनीतिक स्थिति स्थिर होने पर एक्सपोर्ट वॉल्यूम को फिर से शुरू करने की कंपनी की क्षमता और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ-साथ वर्किंग कैपिटल की आवश्यकताओं का प्रबंधन भी महत्वपूर्ण होगा। आने वाली तिमाहियों में मुनाफे की वर्तमान गति को बनाए रखने के लिए घरेलू मांग की स्थिरता महत्वपूर्ण साबित होगी।
