Baskin Robbins को भारत में चलाने वाली Graviss Group, Inspire Brands से Dunkin' के फ्रेंचाइजी राइट्स खरीदने के लिए बातचीत कर रही है। इससे पहले Jubilant FoodWorks ने लगातार घाटे के कारण 15 साल पुरानी पार्टनरशिप खत्म करने का फैसला किया था। निवेशक इस संभावित अधिग्रहण के कंपनी के रिटेल और सप्लाई चेन ऑपरेशंस पर पड़ने वाले असर पर नजर रख सकते हैं।
क्या Graviss Group खरीदेगी Dunkin' India?
मुंबई स्थित Graviss Group, जो भारत में Baskin Robbins आइसक्रीम चेन का संचालन करती है, फिलहाल ग्लोबल कॉफी और डोनट ब्रांड Dunkin' के इंडिया फ्रेंचाइजी राइट्स अपने नाम करने के लिए बातचीत कर रही है। यह डील ऐसे समय में सामने आई है जब Jubilant FoodWorks ने ग्लोबल पेरेंट कंपनी Inspire Brands को राइट्स वापस करने का फैसला किया है। यह 15 साल पुराना रिश्ता 31 दिसंबर को खत्म हो रहा है।
Jubilant FoodWorks पर क्या होगा असर?
Domino's Pizza और Popeyes जैसी लोकप्रिय फूड चेन्स को ऑपरेट करने वाली Jubilant FoodWorks के लिए Dunkin' ब्रांड से बाहर निकलना कंपनी की कुल कमाई पर मामूली असर डालेगा। फाइनेंशियल ईयर 2025 में, Dunkin' आउटलेट्स का कंपनी की कुल आमदनी में सिर्फ 0.61% का योगदान रहा, जबकि इन्हें लगभग ₹19.1 करोड़ का घाटा हुआ। इस सेगमेंट को बेचने से कंपनी अपने ज्यादा मुनाफे वाले मुख्य व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी।
Graviss Group के लिए क्या है खास?
अगर यह अधिग्रहण सफल होता है, तो Graviss Group फूड एंड बेवरेज सेक्टर में अपने मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके ब्रांड को फिर से जिंदा कर सकती है। यह ग्रुप 1993 से भारत में Baskin Robbins का मैनेजमेंट संभाल रही है और 2007 से SAARC रीजन में इसके पूरे राइट्स रखती है। इसके अलावा, 'The Brooklyn Creamery' जैसे ब्रांड के साथ उनका अनुभव, जो लो-कैलोरी आइसक्रीम पर केंद्रित है, Dunkin' के लिए एक नई स्ट्रेटेजी की ओर इशारा करता है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि नया ऑपरेटर मेन्यू को लोकल फ्लेवर के हिसाब से बदलने, भारतीय डिशेज को शामिल करने या हेल्थ-कॉन्शियस ऑप्शन्स जोड़ने पर फोकस कर सकता है, ताकि पिछले मैनेजमेंट के तहत ब्रांड को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा, उनसे निपटा जा सके।
बिजनेस की नई राह
Graviss Foods, जो इन फूड बिजनेस को मैनेज करती है, ने FY25 में ₹354 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। अपने फूड ऑपरेशंस के अलावा, Graviss Group का रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में भी निवेश है, जिसमें मुंबई का InterContinental Marine Drive भी शामिल है। निवेशकों और इंडस्ट्री पर नजर रखने वालों के लिए, फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट की फाइनल टर्म्स और भारतीय क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट मार्केट में ब्रांड की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए लागू किए जाने वाले ऑपरेशनल बदलाव प्रमुख देखने लायक होंगे। सप्लाई चेन का ट्रांजिशन और स्टोर फुटप्रिंट को प्रभावी ढंग से बढ़ाने की क्षमता तय करेगी कि यह अधिग्रहण ग्रुप के रिटेल डिवीजन के लिए लॉन्ग-टर्म वैल्यू कैसे लाता है।
