नतीजों पर एक नज़र: नंबर्स क्या कहते हैं?
Goldiam International Limited ने Q3 FY26 के लिए दमदार फाइनेंशियल नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू इस तिमाही में 18% (YoY) बढ़ा है। वहीं, 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुए नौ महीनों (9M FY26) में, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 30% (YoY) बढ़कर ₹7,773.4 मिलियन हो गया है।
मुनाफे के मोर्चे पर भी कंपनी ने कमाल दिखाया है। Q3 FY26 में EBITDA 28.2% (YoY) बढ़कर ₹908 मिलियन रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 26.7% दर्ज किया गया। नौ महीनों के लिए, EBITDA 32.7% (YoY) बढ़कर ₹1,853 मिलियन रहा, और मार्जिन 23.8% पर बना रहा। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी ज़बरदस्त उछाल देखा गया, जो Q3 FY26 में 37% (YoY) बढ़कर ₹684 मिलियन हो गया। 9M FY26 के लिए, PAT 42% (YoY) बढ़कर ₹1,333.6 मिलियन दर्ज किया गया।
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इस फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने पहले अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है, जो ₹2.75 प्रति इक्विटी शेयर है।
एक्सपोर्ट और US की नई डील का बड़ा कमाल
कंपनी के इस शानदार प्रदर्शन की एक बड़ी वजह B2B एक्सपोर्ट बिजनेस में लैब-ग्रोन डायमंड (LGD) की ओर रणनीतिक बदलाव है। Q3 FY26 में, LGD ज्वेलरी एक्सपोर्ट कुल एक्सपोर्ट सेल्स का 90.5% रहा, जो पिछले साल 80% था। ऑनलाइन रेवेन्यू चैनल भी मजबूत रहे, जिन्होंने तिमाही में कुल रेवेन्यू का 31.6% योगदान दिया। 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी का ऑर्डर बुक ₹1,800 मिलियन का था।
हाल ही में, Goldiam ने अमेरिका और मध्य पूर्व के क्लाइंट्स से स्टडेड LGD ज्वेलरी के लिए ₹800 मिलियन के नए एक्सपोर्ट ऑर्डर हासिल किए हैं, जिससे B2B पाइपलाइन और मजबूत हुई है। मैनेजमेंट का कहना है कि मौजूदा क्लाइंट्स के साथ 'वॉलेट शेयर' बढ़ाना और अमेरिका में बड़े रिटेलर्स को जोड़ना ग्रोथ के अहम फैक्टर हैं। एक नई अमेरिकी ट्रेड डील के चलते, जो ज्वेलरी पर लगने वाले 50% के टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया गया है, Goldiam की 'मेड इन USA' स्ट्रेटेजी (अमेरिका में कास्टिंग और भारत में फिनिशिंग) की वजह से उनके ज्वेलरी एक्सपोर्ट पर 0% टैरिफ लग रहा है। इसने कंपनी को एक बड़ी कॉम्पिटिटिव एज दी है।
रिटेल ब्रांड Origem का एक्सपेंशन
वहीं, भारत पर फोकस करने वाले रिटेल ब्रांड 'Origem' के लिए कंपनी आक्रामक स्टोर एक्सपेंशन की तैयारी कर रही है। फिलहाल 13 स्टोर्स चल रहे हैं, वहीं 20 और स्टोर्स के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) साइन किए गए हैं। कंपनी मार्च 2026 तक 12-14 और स्टोर खोलने की योजना बना रही है, जिससे कुल स्टोर्स की संख्या 24-26 हो जाएगी। इसके अलावा, FY27 की पहली छमाही में 50 और स्टोर्स खोलने का लक्ष्य है। हालांकि Origem को Q3 FY26 में ₹2.5 करोड़ का नुकसान हुआ है, लेकिन मैनेजमेंट का कहना है कि सभी स्टोर्स मिलाकर ब्रेक-ईवन पर हैं और भविष्य में प्रॉफिटेबिलिटी पर फोकस रहेगा।
आगे की राह: क्या हैं उम्मीदें और रिस्क?
मुख्य रिस्क: फिलहाल, B2C Origem ब्रांड की प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाना एक बड़ा चैलेंज है, जैसा कि पिछले तिमाही के नुकसान से जाहिर होता है। हालांकि, कंपनी के ब्रेक-ईवन के दावे और भविष्य के प्रॉफिटेबिलिटी लक्ष्यों से इस चिंता को कम करने की कोशिश है। भारत में स्टोर खोलने की महत्वाकांक्षी योजनाओं का एग्जीक्यूशन भी बारीकी से देखना होगा।
आगे की उम्मीदें: मैनेजमेंट B2B और B2C दोनों सेगमेंट में लगातार ग्रोथ को लेकर आश्वस्त है और एक रिकॉर्ड फाइनेंशियल ईयर की उम्मीद कर रहा है। ग्लोबल LGD प्राइसेज में स्थिरता और संभावित बढ़ोतरी को पॉजिटिव रूप से देखा जा रहा है। इन्वेस्टर्स की नज़रें नए अमेरिकी रिटेलर्स के इंटीग्रेशन, नए बाजारों में विस्तार और Origem रिटेल चेन के परफॉरमेंस पर रहेंगी। टाइटन (Titan) जैसी कंपनियों का LGD सेगमेंट में आना कैटेगरी को बूस्ट करने वाला माना जा रहा है, और Goldiam क्वालिटी और सर्विस के जरिए अपनी अलग पहचान बनाने पर ज़ोर दे रही है।