गोल्ड की कीमतों में बड़ी गिरावट, पर भारतीय डिमांड क्यों है मजबूत?
मार्च 2026 में गोल्ड की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट आई। एक ही दिन में कीमतों में 10% से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट पिछले एक साल (मार्च 2025 से मार्च 2026) में लगभग 90% की तेजी के बाद आई। इस गिरावट की मुख्य वजहें थीं बढ़ती महंगाई की चिंताएं (खासकर ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल) और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखने की उम्मीदें। फेडरल रिजर्व ने मार्च 2026 में ब्याज दरों को 3.50%-3.75% के बीच रखा, जिससे आने वाले समय में दर कटौती को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, और गोल्ड जैसी नॉन-यील्ड एसेट्स पर दबाव बढ़ा।
अक्षय तृतीया का क्रेज और भारतीय बाजार का भरोसा
जहां ग्लोबल मार्केट में कीमतें लगभग $4,800-$4,900 प्रति औंस के आसपास आ गई हैं (जो जनवरी 2026 के $5,500 के हाई से काफी कम है), वहीं भारत में अक्षय तृतीया के त्यौहार को लेकर माहौल उम्मीदों से भरा है। सोने के प्रति गहरी सांस्कृतिक आस्था, शादी का सीजन और हल्के व मॉडर्न डिज़ाइन वाले ज्वेलरी की बढ़ती मांग भारतीय बाजार को सहारा दे रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह मौजूदा गिरावट एक 'पॉज' है, न कि ट्रेंड रिवर्सल।
स्मार्ट खरीदारी और ज्वेलरी में नयापन
भारतीय घरों में 11-16% ग्लोबल गोल्ड का भंडार है, जिसकी कीमत $5 ट्रिलियन से अधिक है। यह भारी मात्रा सोने को भारत का मुख्य ऑल्टरनेटिव एसेट बनाती है। उपभोक्ता समझदारी दिखा रहे हैं; वे डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म पर कीमतें बढ़ने पर मुनाफा बुक कर रहे हैं और गिरावट आने पर खरीदारी कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि शुभ अवसरों पर सोने की खरीदारी का इरादा अभी भी मजबूत है।
बड़े ज्वेलर्स जैसे Titan Company (मार्केट कैप ~₹401,838 Cr) और Kalyan Jewellers India (मार्केट कैप ~₹44,082 Cr) भी मजबूत कंज्यूमर सेंटिमेंट देख रहे हैं। Titan Company का P/E रेश्यो करीब 83.3 है, जबकि Kalyan Jewellers India का 39-40.48 के आसपास है। इन कंपनियों के शेयर ग्रोथ की उम्मीदों पर टिके हैं। ज्वेलरी डिजाइन में भी बदलाव आ रहा है; हल्के, मॉडर्न और मिनिमलिस्ट डिजाइन के साथ-साथ डायमंड और रंगीन रत्नों वाले पीस की मांग बढ़ रही है। CaratLane के अनुसार, लोग या तो किफायती हल्के आइटम या फिर सॉलिटेयर सेट जैसे हाई-वैल्यू पीस खरीद रहे हैं।
आगे क्या? दांव पर लगे हैं लंबी अवधि के अनुमान
लॉन्ग-टर्म एनालिस्ट्स की गोल्ड के लिए भविष्यवाणियां सकारात्मक हैं, 2026 के अंत तक कीमतें $5,400 से $6,300 प्रति औंस तक जा सकती हैं। हालांकि, कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव बजट पर असर डाल सकता है। Titan (~83.3) और Kalyan Jewellers (~40.5) जैसे ज्वेलर के हाई P/E रेश्यो बताते हैं कि उनकी वैल्यूएशन लगातार ग्रोथ पर निर्भर है, जो आर्थिक मंदी या महंगाई से प्रभावित हो सकती है।