Godrej Consumer Products के शेयर पिछले हफ्ते 52-वीक लो पर जाने के बाद अब रिकवरी की कोशिश कर रहे हैं। कंपनी के बेहतर ऑपरेशनल आउटलुक के बावजूद मैनेजमेंट में बड़े बदलाव और रॉ-मटीरियल की महंगाई निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
रिकवरी की राह पर स्टॉक
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर Godrej Consumer Products Limited (GCPL) के शेयरों में स्थिरता के संकेत दिख रहे हैं। बीते 1 अक्टूबर, 2026 को यह शेयर ₹832.60 के 52-वीक लो तक गिर गया था। फिलहाल, शेयर ₹840 के स्तर के आसपास ट्रेड कर रहा है। पिछले एक साल में स्टॉक में भारी करेक्शन देखा गया है, जिसके बाद अब निवेशक राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
लीडरशिप में बड़ा बदलाव
कंपनी इस समय एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही है। अगस्त 2026 में MD & CEO सुधीर सीतापति के अचानक इस्तीफे के बाद पूर्व ग्लोबल CFO आसिफ मलबारी को कमान सौंपी गई है। टॉप लेवल पर हुए इस अचानक बदलाव से निवेशकों में लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी को लेकर अनिश्चितता है, जिसका सीधा असर शेयर के उतार-चढ़ाव पर दिख रहा है।
ऑपरेशन्स पर मैनेजमेंट का भरोसा
चुनौतियों के बीच कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के लिए मजबूत आउटलुक पेश किया है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 'हाई-टीन्स' (High-teens) की ग्रोथ होगी और वॉल्यूम में भी अच्छी बढ़त देखने को मिलेगी। कंपनी का फोकस इंडोनेशियाई मार्केट में सुधार और घरेलू डिमांड को बरकरार रखने पर है। इसके अलावा, कंपनी डबल-डिजिट EBITDA ग्रोथ बनाए रखने के लिए आश्वस्त है।
लागत का दबाव और भविष्य की रणनीति
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती इनपुट कॉस्ट है। पाम ऑयल और कच्चे तेल (Crude-linked derivatives) की कीमतों में तेजी का सीधा असर कंपनी के पर्सनल और होम केयर सेगमेंट पर पड़ रहा है। इस महंगाई से निपटने के लिए कंपनी ने कीमतों में मामूली बढ़ोतरी (Calibrated pricing actions) का संकेत दिया है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या कंपनी कंज्यूमर्स पर बढ़ी कीमतों का बोझ डाल पाएगी या इससे वॉल्यूम ग्रोथ प्रभावित होगी?
मार्केट एनालिस्ट इस स्टॉक को लेकर बंटे हुए हैं। जहाँ कुछ ब्रोकरेज हाउस ब्रांड पोर्टफोलियो की मजबूती को देखते हुए बुलिश हैं, वहीं कुछ मैनेजमेंट ट्रांजिशन और मार्जिन पर दबाव को लेकर सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। अब सबकी नजरें दूसरी तिमाही के आधिकारिक नतीजों पर टिकी हैं।
