दमदार नतीजों पर क्यों गिरी कंपनी?
Godfrey Phillips India ने Q4FY26 के लिए ₹521.46 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 86% का जोरदार उछाल दर्शाता है। कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू (Revenue) भी पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही के ₹1,887.79 करोड़ से बढ़कर ₹3,485.54 करोड़ हो गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1,526 करोड़ और रेवेन्यू ₹9,121 करोड़ रहा। कंपनी के बोर्ड ने FY2025-26 के लिए ₹3.3 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) का भी प्रस्ताव रखा है, जिसे शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलनी बाकी है।
वैल्यूएशन को लेकर निवेशकों की चिंता
इन मजबूत नतीजों के बावजूद, शेयर में इंट्राडे में 6% से ज्यादा की गिरावट आई। इसकी मुख्य वजह Valuation Concerns बताई जा रही है। Godfrey Phillips India का शेयर फिलहाल 25x से 30x के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है। यह वैल्यूएशन इसके बड़े कॉम्पिटिटर ITC की तुलना में काफी ज्यादा है, जिसका P/E रेश्यो 11x-17x के आसपास है। मार्केट विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी का मौजूदा वैल्यूएशन बढ़ा हुआ है, खासकर इंडस्ट्री की मौजूदा चुनौतियों को देखते हुए। स्टॉक फिलहाल अपने 52-हफ्ते की रेंज ₹1,832.10 से ₹3,947.00 के निचले हिस्से में ट्रेड कर रहा है।
इंडस्ट्री पर रेगुलेशन और अवैध व्यापार का साया
भारतीय टोबैको इंडस्ट्री, जिसका मार्केट साइज US$14.0 बिलियन (2025) है, कड़े रेगुलेटरी माहौल का सामना कर रही है। Cigarettes and Other Tobacco Products Act (COTPA) 2003 जैसे सख्त नियम पैकेजिंग, हेल्थ वार्निंग और एडवरटाइजिंग पर पाबंदियां लगाते हैं। इसके अलावा, Illicit Trade (अवैध व्यापार) के लगातार बढ़ने से लीगल सिगरेट की खपत कम हो रही है, जिससे वैध कंपनियों के मार्केट शेयर और प्राइसिंग पावर पर असर पड़ रहा है। ITC, जिसके पास सिगरेट मार्केट का 73% से अधिक हिस्सा है और एक डाइवर्सिफाइड बिजनेस मॉडल है, वह Godfrey Phillips India से एक अलग तरह का निवेश प्रोफाइल पेश करता है।
एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय और 'STRONG SELL' रेटिंग
शानदार नतीजों के बावजूद शेयर में गिरावट, अंतर्निहित जोखिमों को उजागर करती है। रेगुलेटरी स्क्रूटनी (Regulatory Scrutiny) लगातार बनी हुई है, और अवैध व्यापार की समस्या Godfrey Phillips India के रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकती है। कुछ एनालिस्ट्स ने इस पर 'STRONG SELL' रेटिंग दी है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 7 एनालिस्ट्स ने औसतन ₹1,815.60 का प्राइस टारगेट दिया है, जो मौजूदा लेवल से 25% से ज्यादा की गिरावट का संकेत देता है। Master Capital Services के Ravi Singh का मानना है कि हालिया गिरावट एक हेल्दी पुलबैक (Healthy Pullback) है और स्टॉक ₹2,250–2,280 के स्तर पर सपोर्ट ले सकता है। एनालिस्ट्स के बीच इन भिन्नताओं से कंपनी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।