आइसक्रीम ब्रांड Go Zero अपने Influencer Marketing प्रोग्राम को बंद कर रहा है और अब फुल-टाइम कंटेंट क्रिएटर्स को हायर करेगा। कंपनी के फाउंडर किरण शाह का लक्ष्य है कि वह थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म्स के जरिए अटेंशन रेंट करने के बजाय, बेहतर रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) हासिल करें और एक ऐसा ऑडियंस बेस तैयार करें जो सीधे ब्रांड का हो।
Detailed Coverage
Influencer Marketing से इन-हाउस कंटेंट इंजन की ओर
आइसक्रीम बनाने वाली कंपनी Go Zero ने अपने मार्केटिंग स्ट्रैटेजी में एक बड़ा बदलाव किया है। अब कंपनी Influencer-led कैंपेन की जगह एक इन-हाउस कंटेंट इंजन बनाने पर फोकस करेगी। कंपनी के फाउंडर किरण शाह ने बताया है कि Influencer कोलैबोरेशन पर पहले जो पैसा खर्च होता था, उसे अब डेडिकेटेड, फुल-टाइम कंटेंट क्रिएटर्स को हायर करने में लगाया जाएगा। इस कदम से कंपनी को सीधे अपने डिजिटल चैनल्स पर एक ज्यादा सस्टेनेबल ऑडियंस बेस बनाने में मदद मिलेगी।
'Own Media' की ओर बढ़ता कदम
इस फैसले के पीछे मुख्य वजह Influencer पार्टनरशिप से मिलने वाले फाइनेंशियल रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) को ट्रैक करने में आ रही दिक्कतें हैं। कंपनी के मुताबिक, एक साथ कई Influencer कोलैबोरेशन्स को मैनेज करना मुश्किल था, जिससे मार्केटिंग खर्च के असल असर को मापना चुनौतीपूर्ण हो रहा था। ब्रांड को यह भी चिंता है कि मौजूदा Influencer Marketing मॉडल में अक्सर 'रेंटेड' ऑडियंस मिलती है, जहाँ कैंपेन खत्म होने के बाद एंगेजमेंट और फॉलोअर्स क्रिएटर के पास ही रह जाते हैं, न कि ब्रांड के पास।
इन-हाउस मॉडल अपनाकर, Go Zero उन बड़ी ग्लोबल ब्रांड्स की स्ट्रैटेजी को दोहराना चाहता है जो खुद का प्रोप्राइटरी कंटेंट बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। कंपनी फिलहाल दो फुल-टाइम क्रिएटर्स को हायर कर रही है, जिनका खास फोकस हिंदी और कन्नड़ जैसी क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेंट बनाने पर रहेगा। यह कंपनी के लिए एक ऐसा प्रयास है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सारा सोशल मीडिया एंगेजमेंट और फॉलोअर ग्रोथ सीधे कंपनी के अपने अकाउंट्स में आए, जिससे लंबे समय में कस्टमर एक्विजिशन की लागत कम हो सकती है।
नई भर्ती प्रक्रिया और भविष्य के संकेत
ट्रेडिशनल हायरिंग प्रोसेस से हटकर, कंपनी ने इन रोल्स के लिए कैंडिडेट्स को LinkedIn पर अपना 30-सेकंड का प्रमोशनल रील पोस्ट करने के लिए कहकर एक पब्लिक एक्सपेरिमेंट शुरू किया है। यह ट्रांसपेरेंट तरीका कंपनी की नई स्ट्रैटेजी का टेस्ट है, और फाउंडर ने नतीजों को पब्लिकली शेयर करने का वादा किया है। निवेशकों और मार्केट पर नजर रखने वालों के लिए, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इन-हाउस कंटेंट प्रोडक्शन की यह शिफ्ट, Influencer पार्टनरशिप से मिलने वाली हाई-वॉल्यूम विजिबिलिटी के बिना ब्रांड की रीच और सेल्स को सफलतापूर्वक बनाए रख सकती है या सुधार सकती है। कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार को बनाए रखने की क्षमता, जबकि कैंपेन-आधारित मार्केटिंग खर्च के बजाय क्रिएटिव टैलेंट के लिए इंटरनल पेरोल को मैनेज करना, आने वाले परफॉरमेंस अपडेट्स में ट्रैक करने के लिए अहम होगा।
