GIVA Valuation: ज्वेलरी स्टार्टअप GIVA की वैल्यूएशन पहुंची **₹4,900 करोड़**, लेकिन मुनाफे के लिए करना होगा इंतजार

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
GIVA Valuation: ज्वेलरी स्टार्टअप GIVA की वैल्यूएशन पहुंची **₹4,900 करोड़**, लेकिन मुनाफे के लिए करना होगा इंतजार

बेंगलुरु स्थित ज्वेलरी ब्रांड GIVA ने हालिया फंडिंग राउंड के बाद **₹4,900 करोड़** की वैल्यूएशन हासिल कर ली है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025 में **89%** की शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन तेजी से विस्तार और मार्केटिंग खर्चों के कारण कंपनी को **₹72.3 करोड़** का घाटा हुआ है।

वैल्यूएशन में बड़ी उछाल

बेंगलुरु की ज्वेलरी रिटेल कंपनी GIVA ने अपने हालिया सीरीज C फंडिंग राउंड के बाद ₹4,900 करोड़ की वैल्यूएशन का मुकाम हासिल कर लिया है। साल 2019 में शुरू हुई यह कंपनी अब पारंपरिक सोने के निवेश के बजाय रोज पहनने वाली किफायती ज्वेलरी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। वर्तमान में कंपनी पूरे भारत में करीब 300 रिटेल स्टोर्स का संचालन कर रही है।

रेवेन्यू में दमदार तेजी

कंपनी का बिजनेस मॉडल गोल्ड के पारंपरिक बाजार से अलग है, जो इसे तेजी से ग्राहकों तक पहुंचने में मदद कर रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2025 के नतीजों में कंपनी ने 89% की जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है और रेवेन्यू बढ़कर ₹518 करोड़ पहुंच गया है। यह आंकड़ा साबित करता है कि ऑफलाइन रिटेल मार्केट में ब्रांडेड और किफायती एक्सेसरीज की मांग तेजी से बढ़ रही है।

बढ़ते घाटे की वजह

तेजी से हो रहे विस्तार का असर कंपनी की बॉटम-लाइन पर भी पड़ा है। FY25 में कंपनी का नेट लॉस ₹72.3 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल के ₹58.7 करोड़ के मुकाबले ज्यादा है। इतने सारे स्टोर्स खोलने और मार्केटिंग पर भारी खर्च करने के कारण कंपनी का खर्च उसके रेवेन्यू से अधिक हो गया है। फिलहाल, GIVA मुनाफे से ज्यादा मार्केट शेयर हासिल करने पर जोर दे रही है।

इन्वेंट्री और बाजार का मुकाबला

कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन्वेंट्री मैनेजमेंट की है। वित्त वर्ष 2025 में इन्वेंट्री लेवल 108% बढ़कर ₹100 करोड़ तक पहुंच गया है। रिटेल क्षेत्र में भारी इन्वेंट्री कैश फ्लो पर दबाव डाल सकती है। बाजार में GIVA का मुकाबला CaratLane और BlueStone जैसे स्थापित ब्रांड्स से है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने स्टोर्स की लागत को कैसे नियंत्रित करती है और कब तक मुनाफे (Profitability) के रास्ते पर लौटती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.