G M Breweries का पूरा फाइनेंशियल ईयर 2026 शानदार रहा, जहां कंपनी की कुल आय 13.37% बढ़कर ₹2,638.16 करोड़ रही और नेट प्रॉफिट 30.48% उछलकर ₹156.82 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, अर्निंग्स पर शेयर (EPS) पिछले साल के ₹52.75 से बढ़कर ₹68.62 हो गया। बोर्ड ने ₹9 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है।
हालांकि, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजों में कुछ नरमी दिखी। इस तिमाही में, भले ही ऑपरेशंस से रेवेन्यू 22.46% बढ़कर ₹812.09 करोड़ हुआ, लेकिन नेट प्रॉफिट 10.56% घटकर ₹54.07 करोड़ रह गया। यह दिखाता है कि मार्जिन पर दबाव या खर्चों में बढ़ोतरी हुई है।
इस दौरान, G M Breweries ने रियल एस्टेट में कदम रखने के लिए Buildfort Infra Dev Private Limited नाम से अपनी 100% सब्सिडियरी भी शुरू की। फिलहाल यह सब्सिडियरी सक्रिय नहीं है, इसलिए इसका वित्तीय प्रभाव नगण्य है, पर भविष्य में यह कंपनी के लिए नए अवसर खोल सकती है। G M Breweries मुख्य रूप से महाराष्ट्र में 'कंट्री लिकर' (Country Liquor) सेगमेंट में काम करती है, जहां यह सबसे बड़ी प्लेयर है। इस सेक्टर में बढ़ते टैक्स और कीमतों की वजह से वॉल्यूम में स्थिरता या गिरावट की आशंका है, जो ओवरऑल इंडियन अल्कोहल इंडस्ट्री के प्रीमियम सेगमेंट में ग्रोथ से अलग है।
कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹2,200-2,300 करोड़ है और P/E रेश्यो 14-15 के आसपास है, जो United Spirits (P/E ~32) और Radico Khaitan (P/E ~34) जैसे बड़े खिलाड़ियों की तुलना में कम है। कंपनी ने पिछले तीन सालों में 120% से अधिक का रिटर्न दिया है। हालांकि, कुछ एनालिस्ट्स की राय मिली-जुली है। एक रिपोर्ट के अनुसार, स्टॉक अपनी इंट्रिन्सिक वैल्यू से 23% महंगा हो सकता है, जबकि कुछ 'Buy' रेटिंग और ₹962-1060 का टारगेट प्राइस दे रहे हैं।
कुल मिलाकर, मार्च 2026 तिमाही में रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद प्रॉफिट में आई गिरावट मार्जिन प्रेशर की ओर इशारा करती है। स्टेट टैक्स पॉलिसीज का सीधा असर कंट्री लिकर की डिमांड और प्राइसिंग पर पड़ता है। रियल एस्टेट वेंचर में भी शुरुआती चरण में जोखिम जुड़ा है, ऐसे में निवेशक अभी नजर बनाए रख सकते हैं।