MRF की सब्सिडियरी Funskool ने वित्त वर्ष 2027 तक ₹400 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। कंपनी का पूरा जोर एक्सपोर्ट और प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने पर है।
ग्रोथ का रोडमैप
टायर दिग्गज MRF की सब्सिडियरी कंपनी Funskool ने अपनी रफ्तार बढ़ाने की तैयारी कर ली है। कंपनी ने मार्च 2027 तक अपना रेवेन्यू ₹400 करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य तय किया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹329 करोड़ के मुकाबले करीब 20% की ग्रोथ है। इस लक्ष्य को पाने के लिए कंपनी रानीपेट और गोवा स्थित अपने प्लांट्स की क्षमता बढ़ाने पर ₹30 करोड़ का निवेश करेगी।
एक्सपोर्ट पर दांव
Funskool के लिए बिजनेस का बड़ा हिस्सा यानी 70% रेवेन्यू एक्सपोर्ट से आता है, जिसमें अमेरिका और यूरोप उसके सबसे बड़े बाजार हैं। हालांकि, वैश्विक परिस्थितियों के कारण कंपनी को अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स और कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता का सामना करना पड़ रहा है, जिससे मुनाफे (Margins) पर दबाव बना रहता है। फिलहाल भारतीय खिलौना उद्योग का वैश्विक बाजार में हिस्सा केवल 0.5% है, जो चीन जैसे देशों के मुकाबले काफी कम है।
MRF के निवेशकों के लिए क्या है खास?
अगर आप MRF के शेयर होल्डर हैं, तो यह ध्यान रखना जरूरी है कि Funskool कंपनी के कुल बिजनेस का एक छोटा हिस्सा है। हालांकि यह ग्रोथ कंपनी के पोर्टफोलियो के लिए एक अच्छा संकेत है, लेकिन MRF का मुख्य प्रदर्शन अभी भी उसके कोर टायर बिजनेस पर ही टिका है।
आगे की रणनीति
कंपनी अब अपने प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव कर रही है और STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथमेटिक्स) आधारित एजुकेशनल खिलौनों पर ज्यादा फोकस कर रही है। भविष्य में कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कैसे एक्सपोर्ट वॉल्यूम बढ़ाती है और बढ़ती इनपुट कॉस्ट को मैनेज करती है।
