Fast&Up और Chicnutrix जैसे हेल्थ ब्रांड्स की पेरेंट कंपनी Fullife Healthcare ने अगले 5 सालों में **₹1,000 करोड़** का रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी का कहना है कि FY25 में नेट लॉस को काफी कम करने के बाद, अब नया फंड इस्तेमाल करके वे स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन से आगे बढ़कर मेनस्ट्रीम वेलनेस मार्केट में अपनी पैठ बढ़ाएंगे।
क्या है Fullife Healthcare की पूरी स्ट्रेटेजी?
Fullife Healthcare, जो Fast&Up और Chicnutrix जैसे पॉपुलर न्यूट्रिशन ब्रांड्स को मैनेज करती है, ने अगले 5 सालों में अपनी आमदनी को ₹1,000 करोड़ तक पहुंचाने की योजना बनाई है। कंपनी अब सिर्फ स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन और एथलीट्स पर फोकस करने के बजाय, हेल्थ और वेलनेस सेगमेंट में ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को टारगेट करने की तैयारी में है।
दमदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस!
कंपनी की इस बड़ी प्लानिंग के पीछे उसकी सुधरती फाइनेंशियल हेल्थ का भी हाथ है। FY25 में Fullife Healthcare ने करीब ₹250 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹195.1 करोड़ से काफी ज्यादा है। रेवेन्यू ग्रोथ के साथ-साथ कंपनी ने अपने खर्चों को भी कंट्रोल किया है। FY25 में कंपनी का नेट लॉस घटकर ₹13.4 करोड़ रह गया, जबकि FY24 में यह ₹30.2 करोड़ था। लगातार बढ़ रही आमदनी और घटते घाटे के साथ, कंपनी प्रॉफिटेबिलिटी और ग्रोथ के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।
₹300 करोड़ की फंडिंग से मिलेगी मजबूती
इस साल मार्च 2026 में, कंपनी ने Elev8 Venture Partners के नेतृत्व में ₹300 करोड़ की सीरीज डी फंडिंग जुटाई है। इस नए फंड से कंपनी अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने, नए प्रोडक्ट्स डेवलप करने और इंटरनेशनल मार्केट में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की उम्मीद कर रही है।
स्पोर्ट्स से आगे, वेलनेस की ओर...
Fast&Up ब्रांड के तहत एनर्जी और हाइड्रेशन प्रोडक्ट्स के लिए जानी जाने वाली Fullife Healthcare ने अब अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बढ़ाते हुए स्किन, हेयर और नेल हेल्थ के लिए Chicnutrix ब्रांड के तहत सप्लीमेंट्स भी लॉन्च किए हैं।
यह डाइवर्सिफिकेशन कंपनी की ग्लोबल वेलनेस मार्केट में अपनी पहचान बनाने की बड़ी स्ट्रेटेजी का हिस्सा है। कंपनी यूके, यूरोप और GCC जैसे मार्केट्स में अपनी पकड़ मजबूत करने पर खास ध्यान दे रही है। साथ ही, मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी को स्विट्जरलैंड से भारत शिफ्ट करके, कंपनी क्वालिटी पर कंट्रोल और लागत कम करने का लक्ष्य रख रही है, जिससे उसे इंपोर्टेड या आउटसोर्स प्रोडक्ट्स के मुकाबले कॉम्पिटिटिव एज मिल सके।
वेलनेस सेक्टर की चुनौतियाँ
हालांकि, Fullife Healthcare जिस वेलनेस और न्यूट्रिशन मार्केट में काम कर रही है, वह काफी कॉम्पिटिटिव है। इस सेक्टर में बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों के साथ-साथ कई नई डिजिटल-फर्स्ट स्टार्टअप्स भी मौजूद हैं, जो हेल्थ-कॉन्शियस कस्टमर्स को टारगेट कर रहे हैं।
निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स के लिए यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपनी इंटरनेशनल एक्सपेंशन प्लानिंग को कितनी अच्छी तरह से लागू कर पाती है और क्या वह घाटा कम करते हुए ग्रोथ को बनाए रख पाती है। नई कैटेगरीज़ में उतरने के लिए अक्सर भारी मार्केटिंग और कस्टमर एक्विजिशन पर खर्च करना पड़ता है, जिससे शॉर्ट-टर्म में प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है। इसके अलावा, बदलते कंज्यूमर ट्रेंड्स और विभिन्न देशों के रेगुलेटरी एनवायरनमेंट को समझना भी कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
