फ्रांस ने 1 सितंबर, 2026 से अल्ट्रा-फास्ट फैशन रिटेलर्स पर नए पर्यावरण लेवी (Environmental Levies) लागू कर दिए हैं। इसके तहत प्रति आइटम **€0.25 से €12** तक का शुल्क लगेगा, जिसका सीधा असर Shein और Temu जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर पड़ेगा और उनके प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा।
पर्यावरण शुल्क की मार
फ्रांस सरकार ने अल्ट्रा-फास्ट फैशन को नियंत्रित करने के लिए एक सख्त कानून लागू किया है। इस नियम के तहत, कंपनियां जो भारी मात्रा में सस्ते कपड़े बेचती हैं, उन्हें अब पर्यावरण शुल्क देना होगा। शुल्क की यह सीमा प्री-टैक्स सेल्स प्राइस के 50% तक सीमित रखी गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस टैक्स को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा और 2030 तक यह प्रति आइटम €20 तक पहुंच सकता है।
विज्ञापन पर भी सख्ती
वित्तीय बोझ के अलावा, इन कंपनियों के सामने मार्केटिंग की चुनौती भी खड़ी हो गई है। 1 जनवरी, 2027 से फ्रांस में अल्ट्रा-फास्ट फैशन उत्पादों के विज्ञापनों और इन्फ्लुएंसर प्रमोशन पर पूरी तरह बैन लग जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर कंपनियों पर €100,000 तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
निवेशकों की चिंताएं
यह कदम ऐसे समय पर आया है जब Shein और Temu अपने संभावित IPO की तैयारी कर रहे हैं। इस रेगुलेटरी बदलाव के कारण इनके वैल्यूएशन और ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने इस कदम का विरोध करते हुए इसे वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (WTO) के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये कंपनियां अपनी प्राइसिंग स्ट्रैटेजी को कैसे बदलती हैं ताकि वे मार्केट में अपनी पकड़ बनाए रख सकें।
