boAt IPO पर एक और झटका! फाउंडर अमन गुप्ता ने लॉन्च किया नया स्टार्टअप, कंपनी की लिस्टिंग पर फिर सवाल

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AuthorNeha Patil|Published at:
boAt IPO पर एक और झटका! फाउंडर अमन गुप्ता ने लॉन्च किया नया स्टार्टअप, कंपनी की लिस्टिंग पर फिर सवाल
Overview

boAt के को-फाउंडर Aman Gupta ने एक नया वेंचर 'OffBeat Studios' लॉन्च किया है। यह कदम ऐसे समय आया है जब boAt अपने IPO को एक बार फिर टाल रहा है। कंपनी ने FY25 में **₹60 करोड़** का नेट प्रॉफिट कमाया है, लेकिन ऑडिटर की चिंताएं और बढ़ती प्रतिस्पर्धा IPO के रास्ते में मुश्किलें खड़ी कर रही हैं।

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फाउंडर की नई उड़ान, boAt के IPO पर फिर ब्रेक

boAt के को-फाउंडर Aman Gupta ने 3 मार्च 2026 को अपने नए स्टार्टअप 'OffBeat Studios' को लॉन्च करने की घोषणा कर दी है। उन्होंने इसे "Aman 2.0" का नाम दिया है। यह कदम तब उठा है जब boAt, जो कि पब्लिक लिस्टिंग की तैयारी कर रही है, ने अपने IPO को एक बार फिर स्थगित कर दिया है।

IPO की राह में बार-बार रुकावट

कंपनी ने 2022 में करीब ₹2,000 करोड़ का IPO टाला था। इसके बाद अप्रैल 2025 में सीक्रेट फाइलिंग की और सितंबर 2025 में रेगुलेटरी क्लीयरेंस मिलने के बावजूद, अब ₹1,500 करोड़ के ऑफर को मार्केट कंडीशन और इंटरनल तैयारी का जायजा लेने के लिए रोक दिया गया है। ऐसे में, boAt की पब्लिक लिस्टिंग का रास्ता अभी भी अनिश्चित बना हुआ है।

क्या है Aman Gupta का नया वेंचर?

Aman Gupta ने सितंबर 2025 में boAt के डेली ऑपरेशंस से हटकर नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर का पद संभाला था। अब उनका नया वेंचर 'OffBeat Studios' उनके नए एंट्रप्रेन्योरियल चैप्टर की शुरुआत है। हालांकि, उन्होंने इस वेंचर के बिजनेस मॉडल, सेक्टर या फंडिंग के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी है।

कंपनी की आर्थिक स्थिति में सुधार

वित्तीय मोर्चे पर, boAt ने FY25 में ₹60.4 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह FY24 के ₹73.7 करोड़ के नेट लॉस से एक बड़ा सुधार है। कंपनी का रेवेन्यू करीब ₹3,073.3 करोड़ रहा। Q1 FY26 में भी कंपनी ने ₹21.4 करोड़ का नेट प्रॉफिट और ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 11% की बढ़ोतरी दर्ज की। FY20 में ₹600 करोड़ का रेवेन्यू अब FY25 में ₹3,100 करोड़ को पार कर गया है, जो कंपनी की ग्रोथ को दर्शाता है।

बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मार्केट शेयर

भारत के वियरेबल मार्केट में boAt 29.2% मार्केट शेयर के साथ लीडर है, खासकर TWS सेगमेंट में 31.9% शेयर है। लेकिन Noise और Fire-Boltt जैसी कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जिससे boAt पर दबाव बढ़ा है। वहीं, भारत का कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट 6.5% से 7.8% CAGR की दर से बढ़ने का अनुमान है और 2033 तक USD 180 बिलियन के पार जा सकता है।

ऑडिटर की गंभीर चिंताएं

IPO के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट स्टैट्यूटरी ऑडिटर BSR & Co LLP द्वारा उठाई गई चिंताएं हैं। 2023, 2024 और 2025 के फाइनेंशियल रिकॉर्ड में कुछ विसंगतियां पाई गई हैं। इनमें सब्सिडियरी के लॉन्ग-टर्म कैपिटल के लिए शॉर्ट-टर्म बॉरोइंग का इस्तेमाल, दो सब्सिडियरी की लायबिलिटी पूरी करने की क्षमता पर अनिश्चितता और मैनेजिरियल रेमुनरेशन लिमिट का उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं।

अन्य जोखिम और भविष्य की राह

इसके अलावा, कंपनी में इम्प्लॉई एट्रीशन रेट 27.09% से बढ़कर 34.18% हो गया है। फाउंडर्स का नॉन-एग्जीक्यूटिव रोल में जाना और नई लीडरशिप का आना प्रोफेशनललाइजेशन की ओर इशारा करता है, लेकिन फाइनेंशियल चिंताएं बनी हुई हैं। फाउंडर के नए वेंचर को इस क्रिटिकल प्री-IPO स्टेज पर फोकस का बंटवारा भी माना जा सकता है। boAt की पब्लिक लिस्टिंग कब होगी, यह मार्केट कंडीशन और ऑडिटर की चिंताओं को दूर करने पर निर्भर करेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.