Flipkart Minutes ने अपने नेटवर्क का विस्तार करते हुए 627 डार्क स्टोर्स तक का आंकड़ा छू लिया है, जिससे यह Swiggy Instamart के 615 स्टोर्स से थोड़ा आगे निकल गया है। हालांकि, Blinkit अभी भी 969 स्टोर्स के साथ बाजार में सबसे आगे बना हुआ है।
क्विक-कॉमर्स सेक्टर में इस वक्त जबरदस्त होड़ मची है। हालिया डेटा के मुताबिक, Flipkart Minutes ने अब देश के टॉप 10 शहरों में 627 डार्क स्टोर्स का नेटवर्क बना लिया है। यह विस्तार इतना आक्रामक है कि इसने Swiggy Instamart के 615 स्टोर्स को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, Zomato की कंपनी Blinkit अभी भी 969 स्टोर्स के साथ इस सेक्टर की undisputed लीडर बनी हुई है।
डार्क स्टोर्स का 'महंगा' खेल
इन्वेस्टर्स के लिए यह समझना जरूरी है कि डार्क स्टोर्स का यह जाल बिछाना काफी महंगा साबित हो रहा है। एक सिंगल डार्क स्टोर खड़ा करने की लागत लगभग ₹45 लाख से ₹60 लाख के बीच आती है। रियल एस्टेट, टेक्नोलॉजी और इन्वेंट्री पर होने वाले भारी खर्च के कारण कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती 'यूनिट इकोनॉमिक्स' को दुरुस्त रखने की है।
स्ट्रक्चरल अंतर और चुनौतियां
Flipkart, जो Walmart का हिस्सा है, एक प्राइवेट एंटिटी है, इसलिए वह विस्तार के खर्चों को आसानी से मैनेज कर सकती है। इसके विपरीत, Swiggy एक पब्लिकली ट्रेडेड कंपनी है। Swiggy अब 'इंडियन-ओन्ड एंड कंट्रोल्ड कंपनी' (IOCC) स्ट्रक्चर की ओर बढ़ रही है, जिसका असर मार्जिन्स पर पड़ सकता है। निवेशकों की नजरें इस बदलाव पर टिकी हैं क्योंकि यह बिजनेस मॉडल की लाभप्रदता को सीधे प्रभावित करता है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल, क्विक-कॉमर्स में प्रॉफिट से ज्यादा मार्केट शेयर पर जोर है। लेकिन, आने वाले समय में इन्वेस्टर को यह देखना होगा कि कौन सी कंपनी अपने डार्क स्टोर्स के नेटवर्क को सबसे जल्दी 'ब्रेक-ईवन' (Break-even) पॉइंट पर ला पाती है। असली चुनौती तब शुरू होगी जब कंपनियां छोटे और कम अनुमानित बाजारों में विस्तार करेंगी।
