Flipkart Group ने FY26 में **₹1.46 लाख करोड़** का शानदार रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी ने अपने ऑपरेटिंग घाटे को **₹1,600 करोड़** तक कम किया है, लेकिन टैक्स और फाइनेंशियल खर्चों के चलते नेट लॉस **₹8,468 करोड़** पर बना हुआ है।
ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में सुधार
Flipkart Group ने मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 18% बढ़कर ₹1.46 लाख करोड़ पहुंच गया है। इस ग्रोथ के पीछे सबसे बड़ी ताकत कंपनी का एडवरटाइजिंग बिजनेस रहा है, जिसमें 31% की जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। Myntra और Cleartrip जैसे बिजनेस वर्टिकल्स में भी ग्रॉस मार्जिन 23% बढ़ा है, जो बेहतर प्राइसिंग स्ट्रेटजी को दर्शाता है।
घाटा कम करने की कवायद
कंपनी का पूरा फोकस अब यूनिट इकोनॉमिक्स को सुधारने पर है। एडजस्टेड ऑपरेटिंग मार्जिन में 230 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ है, जो अब 5.4% निगेटिव पर है। बेहतर सप्लाई चेन और ओवरहेड्स पर सख्ती के चलते कंपनी ने अपने ऑपरेटिंग लॉस को ₹1,600 करोड़ कम करने में कामयाबी हासिल की है।
बॉटम लाइन पर दबाव
ऑपरेशनल मोर्चे पर अच्छी खबरों के बावजूद, नेट लॉस अभी भी कंपनी के लिए चुनौती बना हुआ है। कंपनी ने ₹8,468 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹8,646 करोड़ था। मैनेजमेंट के मुताबिक, ऊंचे फाइनेंस कॉस्ट और टैक्स एडजस्टमेंट्स के चलते मुनाफे का रास्ता अभी थोड़ा लंबा है।
नई पहचान और भविष्य की राह
यह पहली बार है जब Flipkart ने भारत में रीडोमिसाइल (redomiciliation) होने के बाद 'Flipkart Internet Private Limited' के तौर पर अपनी कंसोलिडेटेड रिपोर्ट दी है। अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी अपने मार्जिन को आगे भी बेहतर रख पाएगी और ब्याज व टैक्स के बोझ को कैसे मैनेज करेगी।
