Flipkart इस फेस्टिव सीजन में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स कैटेगरी की एक-तिहाई बिक्री को EMI ट्रांजेक्शन के जरिए पूरा करने की तैयारी कर रही है। कंपनी इसके लिए कार्डलेस क्रेडिट और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जैसे विकल्पों को बढ़ावा दे रही है।
अफोर्डेबिलिटी पर कंपनी का बड़ा दांव
Flipkart ने आने वाले फेस्टिव सीजन के लिए 'अफोर्डेबिलिटी' को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया है। कंपनी का अनुमान है कि मोबाइल और लार्ज इलेक्ट्रॉनिक्स की कुल बिक्री का लगभग 33% हिस्सा EMI ट्रांजेक्शन से आएगा। हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स को आम ग्राहकों की पहुंच में लाने के लिए कंपनी ने फाइनेंशियल बैरियर्स को कम करने पर पूरा ध्यान केंद्रित किया है।
प्लेटफ़ॉर्म के डेटा के मुताबिक, ₹5,000 से कम की खरीदारी के लिए UPI पहली पसंद बनी हुई है, लेकिन जैसे ही प्रोडक्ट की कीमत ₹20,000 के पार जाती है, ग्राहक EMI और क्रेडिट विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इसी डिमांड को कैश करने के लिए Flipkart ने कई NBFCs के साथ पार्टनरशिप की है।
टियर-2 शहरों में कार्डलेस EMI की लहर
ई-कॉमर्स के विस्तार में टियर-2 और टियर-3 शहरों की भूमिका सबसे अहम हो गई है। यहाँ के अधिकतर ग्राहकों के पास ट्रेडिशनल क्रेडिट कार्ड्स नहीं हैं, इसलिए कंपनी 'कार्डलेस EMI' मॉडल को आक्रामक तरीके से पेश कर रही है। यह सुविधा इन शहरों के खरीदारों के लिए लिक्विडिटी का जरिया बन रही है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज की बिक्री में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और पेमेंट सक्सेस रेट
फेस्टिव सीजन में ट्रांजेक्शन वॉल्यूम में सामान्य दिनों के मुकाबले 1,000 गुना तक का उछाल आता है। इसे मैनेज करने के लिए Flipkart अब OTP की जगह बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पर जोर दे रही है। Axis Bank के साथ को-ब्रांडेड कार्ड पर 30% ट्रांजेक्शन पहले ही बायोमेट्रिक के जरिए हो रहे हैं। कंपनी का कहना है कि यह तरीका पुराने OTP मेथड के मुकाबले 12% से 15% अधिक सक्सेस रेट देता है, जिससे पेमेंट फेल होने की समस्या काफी कम हो गई है।
इन्वेस्टर्स के लिए क्या है रिस्क?
क्रेडिट-आधारित खपत बढ़ने से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स का रिस्क प्रोफाइल भी बदल रहा है। जहाँ छोटे शहरों में 'अनसिक्योर्ड कंज्यूमर क्रेडिट' का विस्तार हो रहा है, वहीं Reserve Bank of India भी इस पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। भविष्य में रिपेमेंट अनुशासन और क्रेडिट क्वालिटी ही यह तय करेगी कि यह ग्रोथ टिकाऊ है या नहीं। वहीं, गिफ्टिंग कैटेगरी में 60% से ज्यादा की सालाना ग्रोथ भी एक सकारात्मक संकेत है जिसे मार्केट एनालिस्ट्स बारीकी से ट्रैक कर रहे हैं।
