त्योहारी सीजन को देखते हुए Flipkart ने अपनी कमर कस ली है। आगामी 9 अक्टूबर, 2026 से शुरू होने वाली 'The Big Billion Days' सेल के लिए कंपनी ने अपनी वेयरहाउसिंग क्षमता को **50%** बढ़ा दिया है और देश भर में **900** नए डिलीवरी हब जोड़े हैं।
बड़े विस्तार की रणनीति
Flipkart की लॉजिस्टिक्स शाखा, Ekart ने अपनी वेयरहाउसिंग स्टोरेज क्षमता में 14 मिलियन क्यूबिक फीट का इजाफा किया है। यह विस्तार पिछले स्तरों के मुकाबले 50% की भारी बढ़ोतरी को दर्शाता है। कंपनी का लक्ष्य इस त्योहारी सीजन में ग्राहकों तक तेजी से सामान पहुंचाना और ऑर्डर के दबाव को कुशलतापूर्वक संभालना है।
नेटवर्क का दायरा और नौकरियां
नए 900 डिलीवरी हब जुड़ने के बाद अब पूरे भारत में Flipkart के कुल केंद्रों की संख्या 8,200 हो गई है। यह नेटवर्क अब 750 नए पिन कोड्स तक अपनी पहुंच बनाएगा, जो मुख्य रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों पर केंद्रित है। इस बड़े ऑपरेशंस को सुचारू रूप से चलाने के लिए कंपनी ने लगभग 2.5 लाख सीजनल कर्मचारियों को भी काम पर रखा है।
कॉम्पिटिटिव माहौल
ई-कॉमर्स सेक्टर में फेस्टिव डिमांड को हथियाने के लिए मुकाबला बेहद कड़ा है। जहां Flipkart अपनी जगह मजबूत कर रही है, वहीं Amazon India और Meesho जैसे प्रतिद्वंद्वी भी अपनी रणनीति में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। बाजार जानकारों का मानना है कि लॉजिस्टिक्स की लागत को मैनेज करते हुए डिलीवरी स्पीड बनाए रखना मुनाफे के लिहाज से सबसे बड़ी चुनौती है।
कॉर्पोरेट और IPO का एंगल
Flipkart में Walmart की हिस्सेदारी करीब 85% है। कंपनी ने हाल ही में सिंगापुर से भारत में अपनी री-डोमीसाइलिंग (redomiciling) प्रक्रिया पूरी की है, जिसे भविष्य में आने वाले IPO के संकेतों के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि कंपनी अभी अनलिस्टेड है, लेकिन इसका विस्तार कंजम्पशन ट्रेंड्स को समझने के लिए एक बड़ा पैमाना माना जाता है।
