Big Billion Days सेल की तैयारी में जुटी Flipkart ने अपनी कमर कस ली है। कंपनी ने अपनी वेयरहाउसिंग कैपेसिटी में **50%** का इजाफा किया है और **900** नए डिलीवरी हब जोड़े हैं।
त्योहारी सीजन को देखते हुए Flipkart ने अपनी लॉजिस्टिक्स आर्म, Ekart के जरिए नेटवर्क का बड़ा विस्तार किया है। कंपनी ने 14 मिलियन क्यूबिक फीट वेयरहाउसिंग स्पेस जोड़ा है, जो देश भर में उसकी स्टोरेज क्षमता में 50% की भारी बढ़ोतरी है। इस नए इंफ्रास्ट्रक्चर में ऑटोमेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जिससे फेस्टिव सीजन के दौरान पैकेज प्रोसेसिंग क्षमता में 30% से ज्यादा का उछाल आने की उम्मीद है।
रीच बढ़ाने की रणनीति
कंपनी का मकसद डिलीवरी को तेज और भरोसेमंद बनाना है। इसके लिए 900 नए डिलीवरी हब खोले गए हैं और अब सर्विस 750 ऐसे पिन कोड तक पहुंच गई है, जहां पहले नेटवर्क कमजोर था। इसमें लेह और कारगिल जैसे दूर-दराज के इलाके भी शामिल हैं। Flipkart टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपनी पकड़ मजबूत करने पर खास जोर दे रही है।
Quick-Commerce का मुकाबला
Flipkart अपने क्विक-कॉमर्स डिवीजन, 'Flipkart Minutes' के जरिए मैदान में उतरी है। कंपनी ने 150 शहरों में 1,200 माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर तैयार किए हैं। यह कदम Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसे खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर देने के लिए है, जो मिनटों में डिलीवरी का दावा कर रहे हैं।
इस पूरी कवायद के लिए Flipkart ने 2.5 लाख सीजनल नौकरियों का ऐलान किया है, जिसमें से बड़ा हिस्सा लास्ट-माइल डिलीवरी के लिए है। हालांकि, इतनी बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट का असर कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर कैसा रहेगा, इस पर इन्वेस्टर्स की नजरें टिकी हुई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या फेस्टिव सीजन के बाद भी कंपनी अपनी सेल्स वॉल्यूम और मार्जिन को इसी तरह मैनेज कर पाएगी।
