Festive E-commerce: ऑनलाइन शॉपिंग में Flipkart-Myntra की बल्ले-बल्ले, क्विक कॉमर्स की रफ्तार सुस्त

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AuthorNeha Patil|Published at:
Festive E-commerce: ऑनलाइन शॉपिंग में Flipkart-Myntra की बल्ले-बल्ले, क्विक कॉमर्स की रफ्तार सुस्त

साल 2026 के फेस्टिव सीजन में ग्राहकों का रुझान साफ तौर पर दो हिस्सों में बंट गया है। जहां Flipkart और Myntra जैसे प्लेटफॉर्म्स पर जबरदस्त ट्रैफिक और नए ग्राहक जुड़ रहे हैं, वहीं क्विक कॉमर्स कंपनियां त्योहारी मांग को भुनाने में संघर्ष करती दिख रही हैं।

भारत में फेस्टिव सीजन के दौरान डिजिटल रिटेल सेक्टर में एक स्पष्ट अंतर देखने को मिल रहा है। फैशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और जनरल मर्चेंडाइज बेचने वाले प्लेटफॉर्म्स पर भारी खरीदारी हो रही है, जबकि क्विक कॉमर्स सेक्टर में त्योहारी असर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। यह ट्रेंड बताता है कि अब ग्राहक 'प्लान्ड शॉपिंग' और 'डेली कन्वीनियंस' के बीच काफी सोच-समझकर खर्च कर रहे हैं।

रिटेल दिग्गजों का जलवा

प्रमुख रिटेल प्लेटफॉर्म्स के लिए सीजन की शुरुआत बेहद दमदार रही है। Flipkart ने अपनी फेस्टिव सेल के शुरुआती दिनों में ही नए ग्राहकों की संख्या में 34% का बड़ा उछाल दर्ज किया है। सबसे खास बात यह है कि कुल डिमांड का लगभग 60% हिस्सा नॉन-मेट्रो शहरों से आ रहा है, जो दिखाता है कि डिजिटल रिटेल अब छोटे कस्बों तक गहराई से पैठ बना चुका है।

फैशन और ब्यूटी में बहार

Myntra ने सितंबर में 93 मिलियन मंथली एक्टिव यूजर्स का आंकड़ा छुआ, जो पिछले साल के मुकाबले 8% अधिक है। सेल के शुरुआती 6 दिनों में डेली एक्टिव यूजर्स 40% बढ़े। वहीं, Nykaa के फैशन सेगमेंट की पहुंच में 24% का इजाफा हुआ और कंपनी के पास 20 मिलियन मंथली एक्टिव यूजर्स हैं, जो साबित करता है कि फेस्टिव सीजन में ब्यूटी और फैशन पर खर्च अभी भी मजबूत है।

क्विक कॉमर्स के सामने चुनौती

दूसरी ओर, ग्रोसरी और डेली जरूरतों की चीजें पहुंचाने वाली क्विक कॉमर्स कंपनियों का हाल अलग है। Blinkit के मंथली एक्टिव यूजर्स में साल-दर-साल 53% की बढ़त जरूर दिखी, लेकिन फेस्टिव सेल के पहले हफ्ते में डेली यूज में सिर्फ 3% की मामूली बढ़ोतरी हुई। वहीं, Zepto की डेली यूसेज में 2% की गिरावट दर्ज की गई। डेटा साफ है कि क्विक कॉमर्स कंपनियां रक्षाबंधन जैसे खास मौकों पर तो अच्छा करती हैं, लेकिन बड़े फेस्टिव सीजन में ई-कॉमर्स दिग्गजों जैसा दम नहीं दिखा पा रही हैं।

निवेशकों के लिए संकेत

त्योहारी सीजन में रिटेल क्रेडिट और EMI का सहारा लेना ट्रांजेक्शन वॉल्यूम को बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि यह डिमांड कितनी सस्टेनेबल है। Zomato (Blinkit) और FSN E-Commerce Ventures (Nykaa) जैसी कंपनियों के अगली तिमाही के नतीजे ही यह स्पष्ट करेंगे कि यूजर एक्टिविटी का असर आखिर मुनाफे और रेवेन्यू में कितना बदल पाया है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.