Ferrero India अब केवल त्योहारों का गिफ्टिंग ब्रांड नहीं रहना चाहता। कंपनी अपनी प्रीमियम चॉकलेट बार्स के दम पर भारत को ग्लोबल लेवल पर टॉप-10 बाजारों में शामिल करने की योजना बना रही है, साथ ही जबरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है।
भारत को ग्लोबल हब बनाने की तैयारी
इतालवी चॉकलेट दिग्गज Ferrero अब अपनी भारतीय इकाई के जरिए दुनिया में अपना कद बढ़ाना चाहती है। कंपनी का फोकस अब सीजनल गिफ्टिंग से हटकर 'एवरीडे कंजम्पशन' (रोजमर्रा के उपभोग) पर शिफ्ट हो गया है। इसके लिए कंपनी प्रीमियम चॉकलेट बार्स सेगमेंट में आक्रामक विस्तार कर रही है।
बारामती प्लांट से वैश्विक सप्लाई
महाराष्ट्र के बारामती में स्थित कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट इस विस्तार की धुरी है। यह प्लांट न केवल भारत की मांग पूरी कर रहा है, बल्कि यहां से 45% उत्पादन 30 से अधिक देशों (दक्षिण पूर्व एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व) को निर्यात किया जाता है। यह मॉडल कंपनी को प्रोडक्शन कॉस्ट को कंट्रोल में रखने में मदद करता है।
शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
कंपनी ने अपनी फाइनेंशियल हेल्थ को लेकर मजबूत संकेत दिए हैं। 31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का रेवेन्यू करीब ₹2,650 करोड़ रहा, जिसमें 19% की मजबूत डबल-डिजिट ग्रोथ देखी गई है। यह पैसा अब डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुंचाने में खर्च किया जा रहा है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
अगर आप इसमें निवेश का मौका ढूंढ रहे हैं, तो ध्यान रखें कि Ferrero India एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। यह National Stock Exchange (NSE) या Bombay Stock Exchange (BSE) पर लिस्टेड नहीं है, इसलिए इसके शेयर पब्लिकली ट्रेड नहीं किए जा सकते।
बाजार की चुनौतियां
भारतीय एफएमसीजी (FMCG) मार्केट में Nestlé जैसे दिग्गजों से कड़ी टक्कर है। कोको (Cocoa) जैसी कच्ची सामग्रियों की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन का प्रबंधन कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बनी रहेगी। आने वाले समय में मार्जिन को सुरक्षित रखते हुए छोटे शहरों में पहुंच बनाना ही कंपनी की असली परीक्षा होगी।
