FSSAI ने बेंगलुरु स्थित British Lifesciences Private Limited के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में छापेमारी कर मिलावटी शिशु पोषण उत्पाद जब्त किए हैं। रेगुलेटर ने **3.7 मीट्रिक टन** एक्सपायर्ड माल को नष्ट करने का आदेश भी दिया है।
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने बेंगलुरु में British Lifesciences Private Limited की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर अचानक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को बड़े पैमाने पर मिसब्रांडेड (misbranded) यानी गलत लेबलिंग वाले शिशु पोषण उत्पाद मिले, जिन्हें फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के प्रावधानों के तहत तुरंत जब्त कर लिया गया।
3.7 टन एक्सपायर्ड माल नष्ट
जब्ती के अलावा, रेगुलेटर ने मौके पर मिले करीब 3.7 मीट्रिक टन एक्सपायर्ड शिशु आहार को नष्ट करने का सख्त निर्देश दिया। इस कदम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि यह खराब माल दोबारा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में न पहुंच सके और ग्राहकों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। कंपनी के खिलाफ फिलहाल कानूनी कार्रवाई चल रही है।
क्या शेयर बाजार पर पड़ेगा असर?
British Lifesciences Private Limited एक प्राइवेट और अनलिस्टेड कंपनी है। चूंकि यह कंपनी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है और NSE या BSE पर इसके शेयर्स की ट्रेडिंग नहीं होती, इसलिए इस घटना का पब्लिक स्टॉक मार्केट पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
सेक्टर पर क्या है इसका संदेश?
यह मामला फूड और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर के लिए एक बड़ी चेतावनी है। खास तौर पर बच्चों के पोषण से जुड़े उत्पादों में लेबलिंग और इन्वेंट्री मैनेजमेंट को लेकर रेगुलेटर्स अब बेहद सख्त हो गए हैं। इस कार्रवाई के बाद अन्य मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर भी क्वालिटी प्रोटोकॉल का पालन करने का दबाव बढ़ गया है। भविष्य में कानूनी कार्यवाही के नतीजे कंपनी के कामकाज पर बड़ा असर डाल सकते हैं।
